दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दावा किया कि पिछली सरकार 1600 करोड़ रुपये के इस पेंडिंग जीएसटी रिफंड के निपटान के लिए कोई ठोस उपाय करने में विफल रही।
अमेरिका से छिड़े टैरिफ वार के बीच भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के एक तीखे बयान ने अमेरिका में तहलका मचा दिया है। इसकी चर्चा अमेरिका के टेलीविजन चैनलों पर खूब हो रही है। जयशंकर के इस बयान के बाद अमेरिका का रुख नरम पड़ता दिख रहा है।
अमेरिका के अर्थशास्त्री पीटर नवारो इन दिनों अपने भारत विरोधी बयानबाजी को लेकर चर्चा में हैं। आइये जानते हैं कि इससे पहले वह क्या थे और अचानक अब दोबारा कैसे ट्रंप के खास बन गए।
लिपुलेख दर्रा भारत के लिए रणनीतिक, धार्मिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। नेपाल के दावे ऐतिहासिक तथ्यों पर कमजोर हैं और राजनीतिक-बाहरी प्रभावों से प्रेरित प्रतीत होते हैं। चीन की भूमिका इस विवाद को त्रिपक्षीय बनाती है, लेकिन भारत-चीन के हालिया व्यापार समझौते से भारत की स्थिति मजबूत हुई है।
सोमवार को एस. जयशंकर के साथ वांग यी की बैठक में कई अन्य पहलों को अंतिम रूप दिया गया था, जिनमें जल्द से जल्द सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करना और एक नए हवाई सेवा समझौते को अंतिम रूप देना शामिल है।
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील टैरिफ और नीतिगत मतभेदों के कारण रुकी हुई है। अगले हफ्ते अमेरिका और भारत के अधिकारियों के बीच नई दिल्ली में ट्रेड डील को लेकर बैठक होनी थी। वह अब नहीं होने वाली है।
भारत और चीन के बीच सीमा पार व्यापार में मसाले, कालीन, लकड़ी के फर्नीचर, औषधीय पौधे, मिट्टी के बर्तन, पशु चारा, ऊन और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी स्थानीय चीजों का लेन-देन होता था।
अमेरिका लगातार भारत पर दबाब की राजनीति कर रहा है। इस बीच नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने चीनी निवेश पर प्रतिबंध हटाने की सलाह दी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ब्रिक्स देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ के बाद डॉलर की साख को खतरा पैदा हो गया है। अब ब्रिक्स देश ट्रंप के टैरिफ का जवाब अपनी मुद्रा में व्यापार करके देने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
भारत के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप के रुख का विरोध अब अमेरिका में ही शुरू हो गया है। ट्रंप ने भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगाया है जिसे लेकर अमेरिकी सांसद ग्रेगरी मीक्स ने प्रतिक्रिया दी है। मीक्स ने ट्रंप को हिदायत भी दी है।
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ वॉर छेड़ रखी है तो वहीं दूसरी तरफ उनका प्रशासन भारत को रणनीतिक साझेदार बता रहा है। चलिए जानते हैं कि अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा क्या है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ टैरिफ को लेकर चल रही मौजूदा परिस्थितियों को लेकर व्यापार वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति एशियाई देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ट्रंप की इस नीति से कई देशों को आर्थिक झटका लग सकता है। चलिए आपको बताते हैं कि ट्रंप एशिया के किन देशों पर कितना टैरिफ लगाया है।
भारत ने अमेरिका द्वारा रूस से तेल आयात पर लगाए गए 50% टैरिफ को 'अनुचित और अन्यायपूर्ण' बताया है। भारत ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा का संकल्प लिया और ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है।
भारत के पास विकल्प की कमी नहीं है। इस बात का ट्रंप भी समझ रहे हैं। इसलिए वो बार-बार टैरिफ लगाने की डेडलाइन को आगे बढ़ा रहे हैं।
सोमवार को फिच ने कहा कि कुल मिलाकर, अमेरिका का प्रभावी टैरिफ रेट अब 17% है, जो 3 अप्रैल के अनुमान से लगभग 8 प्रतिशत अंक कम है, जब उच्च पारस्परिक टैरिफ की मूल रूप से घोषणा की गई थी।
ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर दोनों देशों के बीच जारी बातचीत में कुछ गतिरोध के संकेतों के बीच भारत पर 25% शुल्क लगाने की घोषणा की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि उनकी टैरिफ नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हित में हैं। ट्रप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा है।
निर्यातकों के अनुसार, भारत में ब्याज दरें आठ से 12% या उससे भी अधिक होती हैं। प्रतिस्पर्धी देशों में, ब्याज दर बहुत कम है। चीन में केंद्रीय बैंक की दर 3.1% , मलेशिया में तीन प्रतिशत, थाईलैंड में दो प्रतिशत और वियतनाम में 4.5% है।
अधिकारी ने बताया कि मछली पालन, इंजीनियरिंग, आईटी और फार्मा जैसे क्षेत्रों के एक्सपोर्टर भी इस विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।
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