जिन देशों का नाम इस सूची में नहीं है, उन पर 10 प्रतिशत की डिफॉल्ट टैरिफ दर लागू होगी। सबसे अधिक टैरिफ दरें पाने वाले देशों में सीरिया (41%), स्विट्जरलैंड (39%), लाओस और म्यांमार (40%), इराक और सर्बिया (35%), और लीबिया तथा अल्जीरिया (30%) शामिल हैं।
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड टेंशन के बीच एक बड़ी और सुकून देने वाली खबर ने भारतीयों के चेहरों पर खुशी ला दी है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने भारत सरकार के इस कदम के बारे में जानकारी दी है।
भारत के साथ अमेरिका का बड़ा व्यापार घाटा कर रहा डोनाल्ड ट्रम्प को परेशान! आंकड़ों में समझें पूरी बात
अमेरिका ने भारत के लिए नए टैरिफ रेट का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि भारत पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाएगा।
भारत के लिए एक शानदार अवसर है, और वह अमेरिका के साथ समझौते पर बहुत गंभीरता से बातचीत कर रहा है।
ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने बुधवार को एक समझौते की घोषणा की जिसके तहत जापान से अमेरिकी आयात पर 15% शुल्क लगाया जाएगा, जो अमेरिका द्वारा पहले प्रस्तावित 25% से कम है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जापान अपने देश को कार, ट्रक, चावल और अन्य कृषि उत्पादों सहित कई चीजों के व्यापार के लिए खोल देगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने बताया कि यह समझौता सैंकड़ों हजारों नौकरियां पैदा करेगा।
दोनों पक्ष एक अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत एक समझौते के बहुत करीब हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका मुख्य रूप से टैरिफ को 20 प्रतिशत से नीचे रखने के लिए व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
क्या आप Non-Veg Milk के बारे में जानते हैं। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में समस्या खड़ी कर दी है। चलिए आपको बताते हैं कि Non-Veg Milk आखिर है क्या।
अमेरिका द्वारा कनाडा पर 35 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि हम अपने व्यापार की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिका ने इससे पहले 2 अप्रैल को, भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगाया था, लेकिन इसे 9 जुलाई तक 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया था। अब इसे 1 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि भारत समेत सभी बिक्स (BRICS) देशों पर 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत कोई भी व्यापार समझौता समयसीमा के आधार पर नहीं करता है और समझौते को तभी स्वीकार करेगा जब ये पूरी तरह से अंतिम रूप ले लेगा, उचित रूप से संपन्न हो जाएगा और राष्ट्रीय हित में होगा।
सराफ ने कहा कि शुल्क निलंबन की अवधि बहुत कम है। भारतीय निर्यातकों को निर्यात बढ़ाने के लिए नए बाजार तलाशने चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक साथ 14 देश पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है। इस आदेश के बाद इन देशों को अमेरिका में एक्सपोर्ट करने के लिए ज्यादा शुल्क देना होगा।
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 40.56 अंक टूटकर 83,401.94 अंक पर ट्रेड कर रहा है। वहीं एनएसई निफ्टी 7.20 अंक टूटकर 25,454.10 पर खुला है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को एक नई धमकी दी है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अगर ट्रंप किसी देश पर 10 फीसदी अतिरिक्ट टैरिफ लगाते हैं, तो उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
भारत ने कृषि और डेयरी उत्पादों पर अमेरिका को शुल्क रियायतें देने पर अपना रुख कड़ा कर लिया है क्योंकि दोनों ही संवेदनशील विषय हैं।
अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के सकारात्मक परिणाम बाजार की धारणा को और बेहतर बना सकते हैं।
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