Monday, January 26, 2026
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पश्चिम बंगाल में आग का तांडव, दो सटे हुए गोदामों में आग लगने से 7 की मौत, कई लोग अभी भी लापता

आग के चलते 7 लोगों की मौत के बाद ममता सरकार विपक्ष के निशाने पर है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर इतनी भीषण आग के दौरान आपदा प्रबंधन में असंवेदनशीलता और समन्वय की कमी का आरोप लगाया है।

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj
Published : Jan 26, 2026 11:19 pm IST, Updated : Jan 26, 2026 11:23 pm IST
सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK सांकेतिक तस्वीर

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आपस में अगल-बगल स्थित दो गोदामों में सोमवार को आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। कोलकाता के नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र में नजीराबाद स्थित इन दो गोदाम में लगी आग पर 7 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। तलाशी अभियान के दौरान करीब 5 बजे घटनास्थल से 3 शव बरामद किए गए और बाद में 4 अन्य शवों को ढूंढ निकाला गया। 

राहत बचाव कार्य है जारी

बारुईपुर जिले के पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार ने बताया कि शव बुरी तरह झुलसे होने के कारण अभी मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि मलबा पूरी तरह से साफ होने के बाद ही पता चल पाएगा कि संबंधित स्थल पर कोई और शव तो नहीं है या मलबे में कोई व्यक्ति फंसा तो नहीं है। 

10 लोग हो सकते हैं लापता

शुरुआत में 6 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी लेकिन फंसे हुए लोगों के परिवारों के मुताबिक यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है क्योंकि पास के गोदामों में साज सज्जा का काम करने वाली एक कंपनी और मोमो बेचने वाली एक कंपनी के मजदूर काम करते थे। 

घटनास्थल पर पहुंचे परिजन

अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने बताया कि बचाव अभियान जारी है। बोस ने दो इकाइयों के प्रबंधन द्वारा अपनाए जा रहे अग्नि सुरक्षा नियमों के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'साल में दो बार अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया जाता है और हर खामी को दूर किया जाता है, फिर भी मालिकों व कंपनी के अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।' जैसे ही शाम ढलने लगी, मृतकों और लापता व्यक्तियों के कई रिश्तेदार घटनास्थल पर जमा हो गए और अग्निशमन सेवा एवं पुलिस अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेने लगे। 

इन जिलों के रहने वाले हैं मृतक

तन्मय गिरि नाम के एक व्यक्ति ने बताया, 'पूर्वी मेदिनीपुर के तमलुक के रहने वाले मेरे चाचा गोदाम के अंदर बने छोटे कमरों में रह रहे थे। वे एक कंपनी में काम करते थे। उन्होंने आखिरी बार रात करीब एक बजे फोन किया था और अब उनका फोन बंद है।' उसने कहा कि वह सुबह नौ बजे से उनका फोन आने का इंतजार कर रहा है। एक अन्य युवक ने बताया कि उसके पिता मोमो बनाने की एक इकाई में रात्रि पाली में काम के लिये आए थे और तब से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। मृत या लापता सभी लोग पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों के निवासी हैं। 

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