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चीन को पड़ा श्रीलंका का ‘तमाचा‘, श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने मिलिट्री एग्रीमेंट पर कह दी बड़ी बात, भारत पर जताया भरोसा

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Jun 28, 2023 08:22 am IST,  Updated : Jun 28, 2023 08:22 am IST

श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भारत को अपना हितैषी बताया और चीन को संदेश दिया कि उनके देश का इस्तेमाल कभी भारत के खिलाफ नहीं किया जा सकेगा।

चीन को पड़ा श्रीलंका का ‘तमाचा‘, श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने मिलिट्री एग्रीमेंट पर कह दी बड़ी बात, भारत पर- India TV Hindi
चीन को पड़ा श्रीलंका का ‘तमाचा‘, श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने मिलिट्री एग्रीमेंट पर कह दी बड़ी बात, भारत पर जताया भरोसा Image Source : FILE

Sri lanka on China: श्रीलंका ने पिछले एक साल में कई उतार चढ़ाव देखे हैं। देश की इकोनॉमी रसातल में चली गई। राष्ट्रपति अपदस्थ हो गए। जनता ने विद्रोह कर दिया। लेकिन धीरे धीरे श्रीलंका अब संभलने लगा है। चीन जो कि श्रीलंका की कमजोर इकोनॉमी का फायदा उठाकर उसे लालच देना चाह रहा था और मिलिट्री एग्रीमेंट की बात कर रहा था। उसे श्रीलंका के राष्ट्रपति ने ऐसा जवाब दिया है कि जो चीन पर ‘तमाचे‘ की तरह लगा है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने दो टूक कह दिया है कि वह चीन के साथ कोई मिलिट्री एग्रीमेंट नहीं करेंगे। चीन को उसकी हैसियत बताते हुए श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भारत को अपना हितैषी बताया और चीन को संदेश दिया कि उनके देश का इस्तेमाल कभी भारत के खिलाफ नहीं किया जा सकेगा। ब्रिटेन और फ्रांस के दौरे पर रवाना होने से पहले रानिल ने कहा. इस बात में किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए कि हम चीन से कभी मिलिट्री एग्रीमेंट नहीं करेंगे।

श्रीलंका की इकोनॉमी जल्द लाएंगे पटरी पर

विक्रमसिंघे ने एक इंटरव्यू में कहा कि चीन और श्रीलंका के रिश्ते मजबूत हैं, पर हम ये स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे देश में चीन का कोई मिलिट्री बेस नहीं है औश्र न ही कभी होगा। कोई भी देश श्रीलंका का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं कर सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही श्रीलंका की इकोनॉमी को पटरी पर लाया जाएगा।

श्रीलंका तटस्थ देशः रानिल विक्रमसिंघे

फ्रांस की मीडिया को दिए इंटरव्यू में रानिल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि  श्रीलंका तटस्थ देश है। हमने किसी के साथ मिलिट्री एग्रीमेंट नहीं किया है। भारत के बारे में जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने जवाब में कहा कि ‘हमने भारत को कई बार भरोसा दिलाया है और इस बात को मैं दोहरा रहा हूं कि हमारे देश से भारत के खिलाफ कोई खतरा पैदा नहीं होने दिया जाएगा। कोई भी देश श्रीलंका को बेस के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।‘

‘हंबनटोटा 99 साल की लीज पर, पर सिक्योरिटी श्रीलंका की सेना के पास‘

चीन से जुड़े एक सवाल पर श्रीलंकाई राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा कि ‘चीन हमारे देश में 1500 साल से है, लेकिन उसका कोई मिलिट्री बेस यहां नहीं है। ऐसा होगा भी नहीं। ये सही है कि हंबनटोटा पोर्ट चीन के पास 99 साल की लीज पर है, लेकिन ये भी याद रखें कि इसकी सिक्योरिटी हमारी फौज के पास है। इसका इस्तेमाल सिर्फ कारोबार के लिए किया जा सकता है।

दरअसल, श्रीलंका ने कर्ज न चुका पाने के बाद 2017 में साउथ में स्थित हम्बनटोटा पोर्ट को 99 साल की लीज पर चीन को सौंप दिया था। ये पोर्ट एशिया से यूरोप के बीच मुख्य समुद्री व्यापार मार्ग के पास स्थित है। जो चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव प्रोजेक्ट के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

मुश्किल समय में भारत ने हमारी मदद की

रानिल ने कहा कि ‘हम मुश्किल दौर से गुजरे हैं और अब हालात काफी बेहतर हुए हैं। भारत समेत कई देशों ने हमारी मदद की है। मुझे पूरी उम्मीद है कि श्रीलंका की इकोनॉमी बहुत जल्द पटरी पर लौट आएगी।

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