Alamnagar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के साथ ही आलमनगर सीट पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है, जहां पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। नीतीश कुमार सरकार की नई घोषणाओं और 'जन सुराज' जैसे नए राजनीतिक विकल्पों की एंट्री ने इस बार के चुनावी रण को अभूतपूर्व रूप से रोचक बना दिया है। बिहार की 243 महत्वपूर्ण सीटों में से एक आलमनगर में सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं, ताकि इस निर्णायक मुकाबले में जीत हासिल कर सकें और 14 नवंबर को आने वाले नतीजों में अपना वर्चस्व स्थापित कर सकें।
क्या रहे पिछले चुनाव के नतीजे?
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में आलमनगर सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के नरेंद्र नारायण यादव ने लगातार 7वीं बार जीत हासिल की थी। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के नवीन निषाद को 28,680 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। वहीं, 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में नरेंद्र नारायण यादव ने लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रत्याशी चंदन सिंह को 43,876 वोटों के अंतर से हराया था।
2020 के चुनाव परिणाम
- नरेंद्र नारायण यादव (JDU): 102,517 वोट (48.17%)
- नवीन निषाद (RJD): 73,837 वोट (34.69%)
- सुनीला देवी (LJP): 9,287 वोट (9,287%)
- NOTA: 4,595 वोट (2.16%)
2015 के चुनाव परिणाम
- नरेंद्र नारायण यादव (JDU): 87,962 वोट (45.74%)
- चंदन सिंह (LJP): 44,086 वोट (22.93%)
- शशि भूषण सिंह (निर्दलीय): 18,919 वोट (9.84%)
- NOTA: 5,638 वोट (2.93%)
आलमनगर सीट का चुनावी इतिहास
बिहार की आलमनगर विधानसभा सीट की स्थापना 1952 में हुई थी। यह मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह सीट पिछले तीन दशकों से अधिक समय से जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता नरेंद्र नारायण यादव का गढ़ रही है। वह 1995 से लगातार इस सीट से विधायक हैं। उन्होंने अब तक लगातार सात बार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपनी पहली जीत 1995 में जनता दल के टिकट पर हासिल की थी और उसके बाद लगातार JDU के टिकट पर चुनाव जीतते आ रहे हैं।
इस सीट से पहले विधायक तनुक लाल यादव सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर चुने गए थे। 1957 से 1972 तक यह सीट कांग्रेस के कब्जे में रही। इस दौरान कांग्रेस के उम्मीदवारों, यदुनंदन झा दो बार और विद्याकर कवि तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।
वहीं, 1977 से 1990 तक वीरेंद्र कुमार सिंह भी चार बार इस सीट से विधायक रहे। उन्होंने जनता पार्टी (1977, 1980), लोकदल (1985) और जनता दल (1990) के टिकट पर जीत हासिल की।