1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बिहार की ‘नल जल योजना’ अब ‘नल धन योजना’ बन चुकी है: तेजस्वी

बिहार की ‘नल जल योजना’ अब ‘नल धन योजना’ बन चुकी है: तेजस्वी

 Reported By: Bhasha
 Published : Sep 24, 2021 08:51 am IST,  Updated : Sep 24, 2021 08:54 am IST

‘‘भले ही नल जल योजना में धरातल पर आजतक ग़रीबों को नल से जल नहीं मिला लेकिन सत्ताधारी दलों के मंत्री, विधायक एवं नेताओं के लिए यह ‘नल धन योजना’ ज़रूर बन गई है।

बिहार की ‘नल जल योजना’ अब ‘नल धन योजना’ बन चुकी है: तेजस्वी - India TV Hindi
बिहार की ‘नल जल योजना’ अब ‘नल धन योजना’ बन चुकी है: तेजस्वी  Image Source : FILE

पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘‘हर घर नल जल’’ योजना निजी धनोपार्जन योजना बनकर रह गई है। राजद नेता तेजस्वी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान आरोप लगाया, ‘‘नीतीश कुमार जी की ‘हर घर नल जल’ योजना दरअसल निजी धनोपार्जन योजना बन गई है। इस योजना ने भ्रष्टाचार की सारी पराकाष्ठा पार कर दी है। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद जी ने अपनी बहु, दामाद और साले को कटिहार में ठेका दिया।’’ 

उन्होंने कहा कि यह ‘‘नल जल योजना’’ नहीं बल्कि ‘‘नल धन योजना’’ बन गई है। तेजस्वी ने आरोप लगाया, ‘‘भले ही नल जल योजना में धरातल पर आजतक ग़रीबों को नल से जल नहीं मिला लेकिन सत्ताधारी दलों के मंत्री, विधायक एवं नेताओं के लिए यह ‘नल धन योजना’ ज़रूर बन गई है। काग़ज पर नल खोलो और अपनी तिजोरी भरो। पानी टंकी का ढहना, पाइप, नल इत्यादि का उखड़ना प्रत्येक पंचायत एवं वार्ड की कहानी है।’’ 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से इस संदर्भ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फ़रवरी 2021 में पत्र भी लिखा गया था लेकिन हमेशा की भांति मुख्यमंत्री जी ने कोई कारवाई नहीं की। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी पार्टी की कटिहार जिला इकाई ने अगस्त 2020 में ही इस घोटाले का पर्दाफ़ाश किया था और उपमुख्यमंत्री तारकिशोर की संलिप्तता की जांच की मांग की थी।’’ 

उन्होंने दावा किया, ‘‘ठेका प्राप्त करने वाली दोनों कंपनियों के निदेशक मंडल में उपमुख्यमंत्री के रिश्तेदार शामिल हैं। इन दोनों कंपनियों को क्रमश: 48 करोड़ और 3.60करोड़ रुपये का काम दिया गया है। कंपनियों के पंजीकृत पते पर कंपनी का कोई साइनबोर्ड नहीं है। सब हवा हवाई है।’’ 

तेजस्वी ने दावा किया कि ठेका देने से पहले इन कंपनियों को किसी भी तरह के सरकारी काम करने का कोई अनुभव नहीं था जबकि लोक निर्माण विभाग की नियमावली के अनुसार ऐसी किसी अनुभवहीन कंपनी को काम नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर ‘‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की केवल बात करने और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में उनके कार्यकाल में हुए 70 से अधिक घोटाले इस बात को साबित करते हैं। (भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।