Wednesday, January 21, 2026
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पटना नीट छात्रा की मौत मामले में जहानाबाद से युवक हिरासत में, अभी तक जांच में क्या निकला? CID के अधिकारी ने दी ये जानकारी

बिहार राज्य महिला आयोग ने पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत पर खुद से संज्ञान लिया है। प्रो. अप्सरा ने पटना के SSP को चिट्ठी लिखकर दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।

Reported By : Nitish Chandra Edited By : Mangal Yadav Published : Jan 21, 2026 03:47 pm IST, Updated : Jan 21, 2026 04:45 pm IST
पटना नीट छात्रा की मौत मामले में हिरासत में युवक- India TV Hindi
Image Source : REPORTER पटना नीट छात्रा की मौत मामले में हिरासत में युवक

पटनाः  बिहार की राजधानी पटना स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज कर दी गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) बुधवार को जहानाबाद पहुंची, जहां एक युवक को हिरासत में लेकर टाउन थाना में घंटों पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद टीम ने युवक को अपने साथ मखदुमपुर की ओर लेकर रवाना हो गई। सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिया गया युवक पेशे से ड्राइवर बताया जा रहा है।

दरअसल, नीट की तैयारी करने वाली छात्रा की गर्ल्स हॉस्टल में हुई मौत के मामले में अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि आखिर लड़की की मौत कैसे हुई। लड़की के साथ रेप की घटना हुई या नहीं, इसको लेकर बनाई गयी एसआईटी को अब पटना एम्स के ओपिनियन और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस SIT की जांच होने तक इस सम्बन्ध में अब मीडिया से कोई बात नहीं कर रही। ADG CID पारसनाथ ने कल इस घटना को लेकर सिर्फ ये जानकारी दी कि FSL की पूरी टीम हॉस्टल गयी गई। हर बिंदु पर बारीकी से जांच की गई है। 3-4 दिन में रिपोर्ट आएगी उसके बाद ही कोई जानकारी दी जा सकती है।

एसआईटी की जांच में रेप के साक्ष्य नहीं मिले

एसआईटी की जांच में अब तक उसके साथ पटना के गर्ल्स हॉस्टल में या कहीं भी रेप के साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस के पास छात्रा के पटना आने से लेकर अस्पताल तक एडमिट होने तक का सीसीटीवी फुटेज है। इसमें कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है जिससे छात्रा के साथ कुछ गलत होने या हत्या किये जाने की जानकारी मिल सके लेकिन छात्रा के परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल में रेप के बाद लड़की की हत्या कर दी गई। पटना पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में लड़की के यूरिन टेस्ट में नींद की गोलियों के सेवन और कमरे से नींद की गोलियों के बरामद होने के आधार पर आत्महत्या की बात कही थी। लेकिन PMCH के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा "यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता "लिखे जाने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया।

छात्रा के शरीर पर चोट और जख्म के निशान भी बताये गए। इसके बाद से ही छात्रा की रेप के बाद हत्या की बात कही जाने लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने इस मामले की नए सिरे से जांच शुरू की और सबूत मिटाने की आशंका के मद्देनजर हॉस्टल की बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि इससे पहले घटना के बाद 3 दिन तक स्थानीय थाने की SHO हॉस्टल नहीं गयी थी और ना ही कमरे की जांच वैगरह करके कमरे को सील किया गया।

पुलिस ने एफएसएल से मांगी ये जानकारी 

पुलिस ने अब पटना एम्स से ओपिनियन इन बिन्दुओं पर मांगा है। छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना हुई या नहीं? मौत का क्या कारण था? पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर एम्स की क्या ओपिनियन है। (पीएमसीएच ने अपनी रिपोर्ट में यौन हिंसा से इंकार नहीं किये जाने की जानकारी दी थी) शरीर पर किस तरह के निशान है। उसके साथ मारपीट की गयी थी या नहीं? नाखून के निशान किसी दूसरे के हैं या नहीं? इसी तरह एफएसएल से इन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गयी है। छात्रा के कपड़े पर कोई साक्ष्य है या नहीं। छात्रा की मौत नींद की गोली खाने से हुई या नहीं? 

एसआईटी कर रही है मामले की जांच

पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एसआईटी की टीम कल भी पहुंची थी। लगभग 20 मिनट तक डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने हॉस्टल के कई कमरे की छानबीन की। इससे पहले सोमवार को एसआईटी छात्रा के पैतृक गांव गई थी और लगभग छह घंटे तक परिजनों से भी पूछताछ की थी।एसआईटी ने ग्राउंड से पांचवें फ्लोर तक चंप्पे-चप्पे की तलाशी ली। लेकिन ऐसा कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिला जिसके आधार पर परिजनों के दावे की पुष्टि हो सके। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने उसके कमरे से एक डायरी भी बरामद की है जिसमें वह अपनी दिनचर्या लिखती थी। पुलिस ने उसे FSLको जांच के लिए भेजा है कि हैंडराइटिंग उसकी है या नहीं।

5 जनवरी को जहानाबाद से पटना आई थी छात्रा

पटना से 26 दिसंबर को मृतक छात्रा जहानाबाद पहुंची थी। फिर 5 जनवरी को 3.30 बजे वापस आयी। घर फोन कर बताया भी कि वो हॉस्टल पहुंच गयी है। अगले दिन 6 जनवरी को उसकी तबियत खराब होने की बात सामने आयी। हॉस्टल वार्डन पहले बगल के एक अस्पताल सहजा सर्जरी इलाज के लिए ले गए, इस अस्पताल ने किसी दूसरी जगह ले जाने को कहा। फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल में इलाज हुआ और सबसे अंत में मेदांता अस्पताल ले जाया गया। छात्रा की जांच से जुड़े अस्पताल के डॉक्टरों ने भी मीडिया से दूरी बना रखी है। प्रभात मेमोरियल अस्पताल की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात कुछ दिन पहले कही गयी थी लेकिन SIT की जांच जारी होने का हवाला देकर उसे टाल दिया गया। 

सीआईडी के अधिकारी पारसनाथ ने बताया कि इस मामले में अब तक आधा दर्जन लोगों से हो चुकी है पूछताछ। पुलिस इस मामले में हॉस्टल संचालक, जिन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज चला वहां के डॉक्टरों और हॉस्टल में रहने वाली कुछ छात्राओं से पूछताछ कर चुकी है। हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज की जांच से अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है।

(जहानाबाद से मुकेश की रिपोर्ट के साथ)

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