नई दिल्ली: विश्व शांति केंद्र द्वारा राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में मोरारी बापू की रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। 17 जनवरी से 25 जनवरी तक 9 दिनों की इस रामकथा में आज इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मोरारी बापू ने राम की मर्यादा और आदर्श को जन-जन तक पहुंचाया । यह देश और विश्व उनका कृतज्ञ रहेगा।
400 साल पहले पहली बार कही गई थी रामकथा
रजत शर्मा ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा-'भगवान राम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाले मोरारी बापू को प्रणाम। पहली बार रामकथा आज से 400 साल पहले कही गई थी। भगवान राम की कथा सबसे हिट शो होता है। देश के कोने-कोने में दशहरा के अवसर पर राम की कथा होती है। इस रामकथा में ना तो कोई बड़ा एक्टर होता है, न लाइट होती है, न साउंड होता है। उसके बाद भी लोग अपने आप वहां पहुंचते हैं, राम की कथा को सुनते हैं।'रजत शर्मा ने आगे कहा कि मोरारी बापू ने इस कथा को बड़ी शिद्दत से जन मानस तक पहुंचाया। उन्होंने राम की मर्यादा और आदर्श को जन-जन तक पहुंचाया । ये देश और विश्व इसके लिए आपका कृतज्ञ रहेगा।
मन के बोझ का जिक्र, किसमें भगवान राम नजर आए?
अपने संबोधन के दौरान रजत शर्मा ने लंबे अर्से से अपने मन के एक बोझ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेरे मन में 26- 27 साल से एक बोझ है। उसके बारे में बताना चाहूंगा। रजत शर्मा ने कहा- उस समय Zee News में काम कर रहा था और मुझे किसी वजह से छोड़ना पड़ा। वहां से 43 लोग मेरे साथ आ गए। मैं पशोपेश में था कि आगे क्या होगा? इन 43 लोगों का क्या होगा? उसी दौरान तत्कालीन सरकार के एक बड़े मंत्री का कॉल आया। उन्होंने कहा आप मेरे पास आ जाओ। ये सुनकर बुरा भी लगा कि मैं खुद परेशान हूं। और ये कह रहे हैं कि आपको मिलने के लिए आना होगा। मैं जब उनके घर गया तो देखा तो उनका सारा सामान भी पैक था। एक बार तो लगा कि ये भी मेरी तरह छोड़ चुके हैं क्या? उन्होंने मुझे कहा कि अपना घर मैं आपको दे रहा हूं। आप यहां ऑफिस और स्टूडियो चला लेना और मैं अपनी पत्नी से साथ बरसाती में रह लूंगा। आप बस बरसाती का किराया दे देना। रजत शर्मा ने कहा कि उनका नाम है आरिफ मोहमद खान। उनमें मुझे भगवान राम नज़र आए। हालांकि मैंने उनको मना लिया। मैंने वहां अपना ऑफिस वहीं नहीं बनाया।
लोकेश मुनि ने खुद को सनातनी घोषित किया
बता दें कि विश्व शांति केंद्र की स्थापना जैन मुनि , लोकेश मुनि के द्वारा की गई थी। लोकेश मुनि ने बताया कि विश्व शांति केंद्र के उद्घाटन के समय मुरारी बापू ने खुद कहा था कि विश्व शांति केंद्र के लिए में 9 दिनों तक राम कथा कहूंगा। इस कार्यक्रम के दौरान आज लोकेश मुनि ने अपने आप को सनातनी घोषित कर दिया।