Monday, January 26, 2026
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Fact check: केंद्रीय मंत्री के आधिकारिक लेटरहेड और हस्ताक्षर वाला एक लेटर वायरल, जान लें इसका सच

Fact check: सोशल मीडिया पर एक केंद्रीय मंत्री आधिकारिक लेटरहेड और हस्ताक्षर वाला एक फेक लेटर वायरल बहुत तेज गति से वायरल हो रहा है।

Edited By: Akash Mishra @Akash25100607
Published : Jan 25, 2026 06:29 pm IST, Updated : Jan 25, 2026 06:31 pm IST
फैक्ट चेक- India TV Hindi
Image Source : X @SARBANANDSONWAL फैक्ट चेक

Fact check: हर रोज सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के आधिकारिक लेटरहेड और जाली हस्ताक्षर वाला एक फर्जी पत्र वायरल हो रहा है। 

क्या हो रहा वायरल? 

सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के आधिकारिक लेटरहेड और जाली हस्ताक्षर वाला एक फेक लेटर सर्कुलेट हो रहा है। लेटर में सब्जेक्ट लाइन में लिखा है, "असम में गंभीर जमीनी हालात और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तुरंत सुधार की जरूरत।"

कैसे पता लगी सच्चाई?

वायरल लेटर को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह नोटिस पूरी तरह से फर्जी निकला। फैक्ट चेक में पाया गया कि केंद्रीय मंत्री ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट भी मिला। पोस्ट में लिखा है, "मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ शरारती तत्व गलत इरादे से केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के ऑफिशियल लेटरहेड और नकली सिग्नेचर वाला एक जाली लेटर सर्कुलेट कर रहे हैं। यह एक गंभीर आपराधिक अपराध है जिसमें जालसाजी, पहचान छिपाना और सरकारी पहचान का गलत इस्तेमाल शामिल है, जिसका मकसद साफ तौर पर गलत जानकारी फैलाना और एक संवैधानिक अथॉरिटी को बदनाम करना है। इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है, और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध किया गया है कि वे मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। यह लेटर और इसमें लिखी बातें पूरी तरह से नकली और मनगढ़ंत हैं।" 

ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।

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