Published : Jan 18, 2026 08:22 am IST, Updated : Jan 18, 2026 08:22 am IST
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मौनी अमावस्या के शुभ दिन पर पितरों को प्रसन्न करन के लिए पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है खासकर शाम के समय। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हमारे पितृ पीपल के पेड़ पर निवास करते हैं और ऐसे में मौनी अमावस्या के शुभ दिन पर हम अगर पीपल की पूजा करते हैं तो पितृ प्रसन्न होते हैं। आइए जान लेते हैं कैसे आपको पीपल की पूजा करनी चाहिए।
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पीपल की पूजा शुरू करने से पहले आपको एक पात्र में जल, काले तिल और दूध का मिश्रण बनाना चाहिए। इसके बाद पीपल के पेड़ की जड़ पर आपको यह जल अर्पित करना चाहिए।
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पीपल पर जल अर्पित करने के बाद आपको पीपल तले सरसों का दीपक जलाना चाहिए और अपने पितरों का स्मरण करना चाहिए। दीपक जलाते समय आप 'ॐ पितृभ्यो नमः' मंत्र का जप कर सकते हैं।
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दीपक जलाने के बाद आपको पीपल के पेड़ की परिक्रमा अवश्य करनी चाहिए। आप 7 बार, 11 बार या फिर 108 बार परिक्रमा कर सकते हैं। परिक्रमा के दौरान हाथों को नमस्कार की मुद्रा में आपको रखना चाहिए।
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इस तरह पीपल के पेड़ की पूजा संपन्न हो जाती है। अंत में पीपल के पेड़ तले हाथ जोड़कर अपने पितरों की मुक्ति की कामना करें और अपने परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें। माना जाता है कि इस विधि से पीपल के पेड़ की पूजा करने से पितृ दोष से आप मुक्त होते हैं और आपका कल्याण होता है।