शरीर पर किसी भी जगह से अगर एक भी बाल टूट जाए तो इससे आपको परेशानी हो सकती है। ऐसा होने से बाल टूटने वाली जगह पर गांठ बन जाती है। शुरुआत में इसका पता नहीं लग पाता है। लेकिन जब यही गांठ धीरे-धीरे फोड़ा या फुंसी के रूप में उभरकर दिखने लगती है तो परेशानी बढ़ जाती है। ये काफी दर्दनाक भी हो सकता है। फुंसी निकलने के साथ ही इसका उपचार शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि समय के साथ इसमें पस या मवाद जमा होने लगता है और घाव बनने का भी खतरा बना रहता है। हालांकि बाजार में ऐसी कई दवाएं हैं जिन्हें खाने से फोड़ा सूख सकता है, लेकिन उन दवाओं के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। इसलिए घरेलू उपायों के जरिए इसे ठीक करना बेहतर होता है। इसके साइड इफेक्ट्स भी नहीं होता हैं।

बालतोड़ की समस्या होने पर नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर इसे फोड़े-फुंसी वाली जगह पर लगाएं। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण किसी भी तरह से इन्फेशन को फैलने से रोकते हैं।
इस तेल में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। रूई या कॉटन कपड़े पर अरंडी तेल की कुछ बूंदे डाल लें और इसे प्रभावित जगह पर लगाएं। थोड़ी देर बार हल्के हाथ से उस जगह को पानी से धुल लें। ऐसा करने से फायदा होगा।
किसी भी तरह के दर्द से राहत पाने के लिए हल्दी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है। बालतोड़ की समस्या होने पर प्रभावित जगह पर हल्दी का लेप लगाएं। इससे आपको आराम मिल सकता है।
बालतोड़ में होने वाली जलन को दूर करने के लिए मेहंदी का लेप लगाएं। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

पान के पत्ते पाचन को सही रखने में सहायक होते हैं। इसका इस्तेमाल बालतोड़ की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। एक पान का पत्ता लेकर उसपर थोड़ा सा अरंडी का तेल लगाएं। इसे प्रभावित जगह पर लगाकर किसी कपड़े से बांध लें। ऐसा करने से फोड़े में जमा मवाद बाहर निकल जाएगा।
Disclaimer: यह जानकारी आयुर्वेदिक नुस्खों के आधार पर लिखी गई है। इंडिया टीवी इनके सफल होने या इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लें।
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