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‘लोकल फोर दिवाली’ को अपनाएं, इससे अर्थव्यवस्था में नयी चेतना आएगी : मोदी

 Reported By: Bhasha
 Published : Nov 09, 2020 12:56 pm IST,  Updated : Nov 09, 2020 12:56 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को त्योहारों के मौसम में देशवासियों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘‘लोकल फोर दिवाली’’ का आह्वान किया और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में नई चेतना आ जाएगी। 

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‘लोकल फोर दिवाली’ को अपनाएं, इससे अर्थव्यवस्था में नयी चेतना आएगी : मोदी  Image Source : PTI

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को त्योहारों के मौसम में देशवासियों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘‘लोकल फोर दिवाली’’ का आह्वान किया और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में नई चेतना आ जाएगी। अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 600 करोड़ रुपये से अधिक की 30 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों का निर्माण करने वालों को बढ़ावा मिलने से उनका हौसला बुलंद होगा जो हिन्दुस्तान को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। 

उन्होंने कहा, ‘‘आजकल, ‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही, ‘लोकल फोर दिवाली’ के मंत्र की गूंज चारों तरफ है। हर एक व्यक्ति जब गर्व के साथ लोकल सामान खरीदेगा, नए-नए लोगों तक ये बात पहुंचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, किस तरह हमारी पहचान हैं, तो ये बातें दूर-दूर तक जाएंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा बनारस के लोगों से भी और देशवासियों से भी आग्रह है कि ‘लोकल फोर दिवाली’ को खूब बढ़ावा दें और उनका प्रचार करें।’’ 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने कहा कि इससे स्थानीय पहचान तो मजबूत होगी ही, जो लोग इन सामानों को बनाते हैं उनकी दिवाली भी और रोशन हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं देशवासियों से बार-बार आग्रह करता हूं कि ‘लोकल के लिए वोकल’ बनें। हर कोई लोकल के साथ दिवाली मनाए, आप देखिए पूरी अर्थव्यवस्था में नई चेतना आ जाएगी’’ मोदी ने कहा कि लोकल के लिए वोकल बनने का अर्थ सिर्फ दीये खरीदना नहीं है, हर चीज है। 

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी चीज जो अपने देश में बनना संभव नहीं है, बाहर से लेना ही पड़ेगा तो वह अलग बात है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि ऐसी चीजों को गंगा जी में बहा दीजिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतना ही चाह रहा हूं कि मेरे देश के लोग जो पसीना बहा रहे हैं, मेरे देश के नौजवान अपनी बुद्धिशक्ति और सामर्थ्य से कुछ न कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी उंगली पकड़ना, उनका हाथ पकड़ना हम सबका दायित्व बनता है। हम उनकी चीजें लेते हैं तो उनका हौसला बुलंद हो जाता है। अपने आप विश्वास से भरा एक बड़ा वर्ग तैयार हो जाएगा, जो हिंदुस्तान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक नई शक्ति बन जाएगा।’’ 

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान बनारस में हुए विकास कार्यो का भी विस्तार से जिक्र किया और कहा कि कई क्षेत्रों में पूर्वांचल का यह केंद्र तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ शिलान्यास हो रहा है तो दूसरी तरफ लोकार्पण हो रहा है। आज भी लगभग 220 करोड़ रुपये की योजनाओं के लोकार्पण के साथ-साथ करीब 400 करोड़ रुपये की 14 योजनाओं पर काम शुरू हुआ है।’’ 

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