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शिलांग में सेना ने फ्लैग मार्च किया, हिंसा में एसपी घायल, कर्फ्यू जारी

 शिलांग के कुछ हिस्सों में आज दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। अशांत क्षेत्रों में सेना ने फ्लैग मार्च निकाला और रात भर हुई हिंसा और आगजनी के बाद कई लोगों को बचाया गया। 

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Jun 02, 2018 08:16 pm IST, Updated : Jun 02, 2018 08:16 pm IST
Shillong Voilence- India TV Hindi
Image Source : ANI Shillong Voilence

शिलांग: शिलांग के कुछ हिस्सों में आज दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। अशांत क्षेत्रों में सेना ने फ्लैग मार्च निकाला और रात भर हुई हिंसा और आगजनी के बाद कई लोगों को बचाया गया। शिलांग में रात भर चली हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने एक दुकान और एक मकान को आग के हवाले कर दिया और कम से कम पांच वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हिंसा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घायल हो गये। 

रक्षा विभाग के प्रवक्ता रत्नाकर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने सेना से आग्रह किया कि प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च करें। सेना के जवानों ने फ्लैग मार्च किया और करीब 500 लोगों को बचाया जिसमें 200 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।उन्होंने कहा कि बचाए गए लोगों को भोजन और पानी दिया गया और सेना की छावनी में उन्हें रखा गया है। सेना की छावनी में 101 एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल डी एस आहूजा ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की। 

ड्यूटी पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक (शहर) स्टीफन रिंजा पर एक छड़ से वार किया गया जिसके बाद उन्हें शिलांग के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हिंसा में पुलिसकर्मी समेत कम से कम 10 लोग घायल हो गए जिसके बाद इलाके में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठने लगी। वहीं शहर के अशांत मोटफ्रन इलाके में पथराव करने वालों ने राज्य पुलिसकर्मियों पर हमला किया। 

अधिकारी ने बताया कि दंगाइयों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए लेकिन दूसरे हिस्से के लोगों ने इसे पुलिस की गोलीबारी समझ लिया। बृहस्पतिवार को थेम मेटोर इलाके में स्थानीय लोगों के एक समूह ने बस के एक सहायक से कथित तौर पर मारपीट की थी जिसके बाद झड़प शुरू हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि इस झड़प ने तब और उग्र रूप ले लिया जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि घायल सहायक की मौत हो गई जिससे थेम मेटोर में बस चालकों का समूह इकट्ठा हो गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। 

बस सहायक और तीन अन्य घायलों को अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पूर्वी खासी हिल्स के जिला अधिकारियों ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में कल रात 10 बजे से सुबह के पांच बजे तक कर्फ्यू लगाया गया। उन्होंने बताया कि तीन स्थानीय लड़कों के साथ हुई मारपीट में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके साथियों की तलाश की जा रही है। अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को आज भी निलंबित रखा गया है। 

जिले के उपायुक्त पीएस दकहर ने पीटीआई भाषा को बताया कि लुमदियेंगज्री पुलिस थाना और कैंटोनमेंट बीट हाउस क्षेत्र के तहत आने वाले 14 इलाकों में कल सुबह चार बजे से लगाया गया कर्फ्यू अब भी जारी है। मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कल एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और शिलांग में स्थिति सामान्य बनाने की अपील की। 

इस बीच खासी छात्र संघ (केएसयू), फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपुल (एफकेजेजीपी) और हनीट्रेप यूथ काउंसिल ने स्थानीय लड़कों के साथ मारपीट में शामिल लोगों को सजा दिलाने और थेम मेटोर में अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाने की मांग की। 

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