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गुरुग्राम: रायन इंटरनेशल में कैसे रची गई साजिश? मर्डर की मिनट दर मिनट की पूरी मिस्ट्री

सिर्फ 10 मिनट में ही इस घटना को ऐसे अंजाम दिया गया कि पुलिस भी गच्चा खा गई। जिस कंडक्टर पर प्रद्युम्न की हत्या का आरोप है वो खुद प्रद्युम्न को उठाकर मेडिकल रुम लेकर जाता है, गाड़ी में बिठाता है, अस्पताल तक जाता है और घंटे भर बाद पुलिस के सामने एतबार

Written by: India TV News Desk
Published : Sep 12, 2017 09:03 am IST, Updated : Sep 12, 2017 09:03 am IST
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नई दिल्ली: हरियाणा के गुड़गांव में रहने वाले वरूण ठाकुर और उनकी पत्नी ज्योति ठाकुर के लिए 8 सितंबर यानी शुक्रवार का दिन कयामत लेकर आया था। सुबह आठ बजे पिता अपने बच्चे को स्कूल के दरवाजे पर छोड़ते हैं और दस मिनट बाद खबर मिलती है, बेटा अस्पताल में है। 7 साल के मासूम का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। इल्जाम स्कूल बस के कंडक्टर अशोक पर था लेकिन इस दस मिनट में क्या हुआ? कैसे पूरी साजिश को अंजाम दिया गया? आखिर क्या हुआ था 8 सितंबर के दिन? ये भी पढ़ें: मुंबई: महिला ने एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म, शादी के 6 साल बाद बनी मां

सिर्फ 10 मिनट में ही इस घटना को ऐसे अंजाम दिया गया कि पुलिस भी गच्चा खा गई। जिस कंडक्टर पर प्रद्युम्न की हत्या का आरोप है वो खुद प्रद्युम्न को उठाकर मेडिकल रुम लेकर जाता है, गाड़ी में बिठाता है, अस्पताल तक जाता है और घंटे भर बाद पुलिस के सामने एतबार कर लेता है उसी ने प्रद्युम्न को मारा है।

वो 10 मिनट  

-वरूण ठाकुर ने 7:55 बजे प्रद्युम्न को स्कूल में छोड़ा

-7:56 पर वरूण ठाकुर स्कूल से घर के लिए निकल गए
-प्रद्युम्न स्कूल के सामने रिसेप्शन से एंट्री नहीं करता है
-प्रद्युम्न स्कूल में बस स्टॉप वाले दरवाजे से एंट्री करता है
-8 बजे प्रद्युम्न बैग लेकर सीधे टॉयलेट में गया
-8:02 से 8:03 मिनट के बीच ये घटना हुई
-8:08 मिनट पर अंजू मैडम प्रद्युम्न को लेकर अस्पताल गई   
-प्रद्युम्न को वाइस प्रिंसिपल की कार से अस्पताल लेकर गए
-8:10 मिनट में परिवार वालों को जानकारी दी गई  
-हालात खराब होने से आर्टीमिश हॉस्पिटल ले जाया गया
-परिवार वालों के पहुंचने  से पहली मौत हो चुकी थी
-आरोपी कंडक्टर ही प्रद्युम्न को लेकर मेडिकल रुम जाता है
-आरोपी कंडक्टर प्रद्युम्न के साथ अस्पताल तक जाता है
-कंडक्टर अशोक 2 घंटे बाद अपना गुनाह कबूल कर लेता है
-कंडक्टर के मुताबिक चाकू लेकर बाथरुम में आया था
-अशोक ने कत्ल में इस्तेमाल चाकू और कपड़े बरामद करवाए
-टॉयलेट से 5 मीटर की दूरी पर क्लास की दीवार है
-जिस वक्त हत्या हुई स्कूल में बच्चे और टीचर सब थे
-जहां हत्या की गई, वहां ड्राइवर कंडक्टर को भी एंट्री थी
-बाथरुम की खिड़कियों में ग्रिल तक नहीं है

प्रद्युम्न को अपने क्लास जाना था, लेकिन वो क्लास नहीं जाकर पहले बाथरुम चला गया। कहा जा रहा है कि इस बाथरुम में पहले से कंडक्टर मौजूद था। सिर्फ दो से तीन मिनट का वक्त रहा होगा। जब इस घटना को अंजाम दिया गया लेकिन इस थ्योरी पर किसी को यकीन नहीं इसलिए सब चाहते हैं इंसाफ ऐसा हो कि भविष्य में ऐसी कोई घटना ना हो।

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