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पाठ्यपुस्तक में छात्रों से स्कर्ट की तरह छोटा ईमेल लिखने की बात, मचा बवाल

 Written By: Bhasha
 Published : Jun 07, 2017 05:51 pm IST,  Updated : Jun 07, 2017 05:59 pm IST

बीकॉम (ऑनर्स) की एक किताब में छात्रों को सलाह दी गयी है कि वह स्कर्ट की तरह छोटा ईमेल लिखें जिससे रुचि बनी रहे। इसे लेकर विवाद पैदा हो गया है। बेसिक बिजनेस कम्यूनिकेशन नाम की किताब दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध एक कॉलेज में वाणिज्य विभाग के पूर्व प्रम

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नई दिल्ली: बीकॉम (ऑनर्स) की एक किताब में छात्रों को सलाह दी गयी है कि वह स्कर्ट की तरह छोटा ईमेल लिखें जिससे रुचि बनी रहे। इसे लेकर विवाद पैदा हो गया है। बेसिक बिजनेस कम्यूनिकेशन नाम की किताब दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध एक कॉलेज में वाणिज्य विभाग के पूर्व प्रमुख सी बी गुप्ता ने लिखी है।

डीयू से संबद्ध अधिकांश कॉलेजों में बड़े पैमाने पर प्रोफेसरों द्वारा बीकॉम (ऑनर्स) के छात्रों को इस पाठ्यपुस्तक को पढ़ने की सलाह दी जाती है। इस किताब के प्रकाशन को एक दशक से ज्यादा हो चुका है। इसमें कहा गया है, ईमेल संदेश स्कर्ट की तरह होने चाहिये--इतना छोटा हो कि उसमें रुचि बनी रहे और लंबा इतना हो कि सभी महत्वपूर्ण बिंदू इसमें शामिल हो जायें।

नाम नहीं जाहिर करना चाहते एक छात्र ने कहा, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर कुछ छात्रों में यह प्रवृत्ति होती है कि पाठ्यपुस्तक में लिखी हर चीज को याद कर लेते हैं, बिना यह महसूस किये कि ऐसी तुलना हमारे समाज में आकस्मिक लिंगवाद को वैधता देती है।

उन्होंने कहा, गनीमत है, हम यह समझ सके और हमारे पाठ्यक्रम में इस तरह की किताबों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा पाये। किसी ने किताब के इस बयान पर सवाल क्यों नहीं उठाया जबकि यह सालों से पुनर्मुद्रित हो रही है?

प्रोफेसर सी बी गुप्ता ने लोगों की भावनाएं आहत होने पर खेद जताया है और कहा कि यह उपमा एक विदेशी लेखक के लेख से ली गयी थी। गुप्ता ने बताया, मैंने अपनी किताब से यह बयान हटा लिया है। मैं प्रकाशक को भी सलाह दूंगा कि वह नये संस्करण की छपाई से पहले यह सामग्री हटा लें।

यह उपमा क्यों दी गयी इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनकी तरफ से हुई एक गलती है और उन्होंने यह उपमा एक विदेशी लेखक के लेख से ली थी। गुप्ता ने कहा, यह किसी को आहत करने के लिये नहीं था। मैंने एक विदेशी लेखक के लेख से यह उपमा ली थी।

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