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क्या बर्फ गिरने से पहले झुकेगा 'ड्रैगन'? भारत-चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 8वीं बैठक

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) को लेकर सेनाओं की स्थिति ज्यों की त्यों ही बनी हुई है। हालांकि, इस तनावपूर्ण स्थिति को सुलझाने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत चल रही है।

Reported by: Manish Prasad @manishindiatv
Published : Nov 06, 2020 11:12 am IST, Updated : Nov 06, 2020 11:24 am IST
क्या बर्फ गिरने से पहले झुकेगा 'ड्रैगन'? भारत-चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 8वीं बैठक- India TV Hindi
क्या बर्फ गिरने से पहले झुकेगा 'ड्रैगन'? भारत-चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 8वीं बैठक

लेह: भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) को लेकर सेनाओं की स्थिति ज्यों की त्यों ही बनी हुई है। हालांकि, इस तनावपूर्ण स्थिति को सुलझाने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत चल रही है। शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की आठवीं बैठक शुरू हुई। बैठक के लंबा चलने की उम्मीद है।

हालांकि, अगर पहली बैठक को छोड़ दिया जाए तो अब तक की सभी वार्ता विफल रही हैं। लेकिन, यह बैठक इस लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि सर्दियां शुरू हो चुकी हैं, तापमान लगातार गिर रहा है और आने वाले एक हफ्ते में लद्दाख के जिन इलाकों में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने बैठी हैं, वहां बर्फबारी भी शुरू हो जाएगी।

ऐसे में दोनों देशों की सेनाओं के लिए चुनौतियां बढ़ जाएंगी। सूत्रों की मानें तो चीन की तरफ से एक प्रपोज़ल भारतीय सेना को दिया गया था, जिसमें यह कहा गया था कि पैंगाग के फ़िंगर एरिया में चीन फ़िंगर 5 तक रहेगा और वो फ़िंगर 4 तक प्रेट्रोलिंग करेगा तो वहीं भारत की सेना फिंगर 3 पर रहेगी और वह सिर्फ फिंगर 4 तक पेट्रोलिंग करेंगी।

इसका मतलब है कि चीन के इस प्रपोज़ल के अनुसार फिंगर 4 को वह क़ब्ज़ाए हुए अक्साई चिन का हिस्सा बनाना चाहता है। हालांकि, भारत का रूख पहले दिन से ही साफ है और हर बैठक में चीन को इसी बारे में बताया भी जाता है कि चीन को अपनी सेना को अप्रैल वाली स्थिति में ले जाना होगा। 

29-30 अगस्त को पैंगाग के दक्षिण छोर पर भारतीय सेना के हाथों न सिर्फ पिटने बल्कि कई महत्वपूर्ण चोटियों पर भारत के क़ब्ज़े से अब चीन बैकफ़ुट पर है। कोर कमांडर की पिछली बैठक में भी यह साफ नजर आया था। लेकिन, चीन अब भी इसी बात पर अड़ा है कि जब तक भारतीय सेना पैंगाग के दक्षिण इलाके से अपनी सेना को पूरी तरह से नहीं हटाता तब तक पैंगाग के फिंगर इलाके में किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होगी।

इस बैठक में इस बार भी विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। भारत की तरफ से 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन की यह पहली ऐसी बैठक होगी। हालांकि, इससे पहले भी लेफ्टिनेंट जनरल मेनन बैठकों का हिस्सा रहे हैं जब 14 कोर की कमान लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह के पास थी।

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