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खामेनेई ने ईरान में हिंसा और नुकसान के लिए पहली बार ट्रंप को घोषित किया अपराधी, दोनों देशों में बढ़ी जंग की आशंका

 Written By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jan 17, 2026 06:05 pm IST,  Updated : Jan 17, 2026 06:42 pm IST

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधे गंभीर आरोप लगाया है। खामेनेई ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट करके ट्रंप को ईरान में हिंसा का दोषी ठहराया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (बाएं) और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (दाएं)- India TV Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (बाएं) और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (दाएं) Image Source : AP

तेहरानः ईरान और अमेरिका में युद्ध का खतरा अभी टला नहीं है। ईरान के सुप्रीम लीटर अयातुल्ला अली खामेनेई ने तेहरान में हिंसा, नुकसान और मानहानिक के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुलेआम दोषी ठहराया है। इससे दोनों देशों में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका है।

खामेनेई ने ट्रंप को ठहराया दोषी

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को "अपराधी" घोषित करते हुए कहा कि वे ईरानी राष्ट्र पर लगाए हत्या के झूठे आरोपों, क्षति और बदनामी के लिए जिम्मेदार हैं। खामेनेई ने एक धार्मिक अवसर पर दिए गए भाषण में कहा, “हम अमेरिकी राष्ट्रपति को अपराधी मानते हैं, क्योंकि उन्होंने ईरानी राष्ट्र पर हताहत, क्षति और बदनामी थोपी है। खामेनेई ने हाल के विरोध प्रदर्शनों को "अमेरिकी साजिश" करार दिया और कहा कि ट्रंप ने खुद हस्तक्षेप किया, बयान दिए, दंगाइयों को प्रोत्साहित किया और यहां तक कि सैन्य सहायता देने की बात कही। 

अमेरिका का उद्देश्य ईरान पर कब्जा

खामेनेई ने आरोप लगाया कि अमेरिका का उद्देश्य "ईरान पर कब्जा करना" है और ट्रंप ने दंगाइयों को "ईरानी राष्ट्र" के रूप में पेश करके "गंभीर बदनामी" की है। खामेनेई ने कहा, “ईरानी राष्ट्र ने दंगे की कमर तोड़ी है, अब उसे उन लोगों की भी कमर तोड़नी होगी, जिन्होंने इसे भड़काया। उन्होंने जोर दिया कि ईरान युद्ध की ओर नहीं ले जाया जाएगा, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल ने दंगाइयों को प्रशिक्षित और भर्ती किया, और कुछ एजेंट अमेरिकी-इजरायली एजेंसियों द्वारा भेजे गए थे। उन्होंने कहा कि हाल के अशांति में "कई हजार" लोग मारे गए, लेकिन यह विदेशी साजिश का नतीजा था।  

ईरान में 3000 से अधिक मौतों का दावा

ईरान में मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं के अनुसार दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से कम से कम 3,000 से 12,000 तक लोग मारे गए हैं। वहीं इस दावे पर ईरानी सरकार ने कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट और भारी सुरक्षा बल की तैनाती जारी है। खामेनेई का यह बयान ट्रंप के हालिया टिप्पणियों के जवाब में आए हैं, जहां ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया था और कहा था कि अमेरिका "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या" पर हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने ईरान को धन्यवाद भी दिया था कि उन्होंने कथित तौर पर 800 से अधिक फांसी की सजाएं रद्द कीं, हालांकि ईरान ने इसे खारिज किया।  

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