सोशल मीडिया का ग़लत इस्तेमाल किस क़दर ख़तरनाक होता जा रहा है, इसका एक उदाहरण केरल के कोझीकोड में देखने को मिला। 41 वर्षीय दीपक ने सोशल मीडिया पर की जा रही बदनामी और trolling से तंग आकर आत्महत्या कर ली। दीपक कोझीकोड के गोविंदपुरम इलाक़े में रहते थे। एक टेक्सटाइल कंपनी में सेल्स मैनेजर थे।
शुक्रवार को वह अपने घर से दफ़्तर जाने के लिए निकले थे। उन्होंने कन्नूर के लिए बस पकड़ी। बस में भीड़ थी। बस में दीपक के पीछे खड़ी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शिमजिथा मुस्तफ़ा वीडियो बना रही थी।
भीड़ के बीच दीपक का हाथ शिमजिथा मुस्तफ़ा से टच हो गया। उस वक्त तो ये लड़की कुछ नहीं बोली लेकिन कुछ देर के बाद उसने ये वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और आरोप लगाया कि दीपक ने बस में उसे छेड़ा।
देखते ही देखते इन्फ्लुएंसर के इस वीडियो के views लाखों में पहुंच गए। क़रीब बीस लाख लोगों ने उसका वीडियो देखा और दीपक के पीछे पड़ गए। उसे ट्रोल करने लगे।
बेवजह इल्ज़ाम और सोशल मीडिया पर बदनामी के डर से दीपक की नींद उड़ गई, भूख-प्यास ख़त्म हो गई। उसने खाना खाना भी छोड़ दिया और रविवार की रात अपने कमरे में फांसी लगा ली।
इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और सोशल मीडिया influencer शिमजिथा से पूछताछ की। उसने अपनी सफ़ाई में एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला तो लोग उसके पीछे पड़ गए। उसे दीपक का हत्यारा कहने लगे। अब केरल पुलिस ने उस सोशल मीडिया influencer पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है जिसके बाद से वो फ़रार हो गई है।
सोशल मीडिया पर trolling किस कदर डरा देती है, मैनेजर दीपक की आत्महत्या उसका नया उदाहरण है। अपने आप को influencer कहने वाले कई लोग परेशानी की दुकान बन गए हैं।
बदनामी का डर किसी बेकसूर को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दे, ये समाज के चेहरे पर एक बदनुमा दाग़ है। ऐसा करने वाले क़ानून की नजर में अपराधी हैं। उन्हें सज़ा तो मिलनी चाहिए। (रजत शर्मा)
देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 20 जनवरी, 2026 का पूरा एपिसोड