नई दिल्ली: महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। उन्होंने आज 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की बात कही है। आपको बता दें कि सावंत मोदी कैबिनेट में भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री हैं। माना जा रहा है कि अब शिवसेना एनडीए का साथ छोड़ सकती है। आपको बता दें कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि यदि शिवसेना एनडीए का साथ छोड़ देती है तो महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए उसे समर्थन देने पर विचार हो सकता है।
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने बुलाई बैठक
सावंत ने मराठी में ट्वीट किया, 'शिवसेना का पक्ष सत्य के साथ है। ऐसे खराब माहौल में दिल्ली की सरकार में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं और आज 11 बजे प्रेस के सामने अपना पक्ष रखूंगा।' सावंत के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफे के ऐलान के साथ ही यह साफ हो गया है कि शिवसेना ने एनडीए छोड़ने का मन बना लिया है। इस बीच सूबे के सियासी हालात पर चर्चा के लिए एनसीपी की बैठक शुरू हो चुकी है जिसमें पार्टी सुप्रीमो शरद पवार के अलावा सुप्रिया सुले, प्रफुल्ल पटेल, नवाब मलिक, छगन भुजबल, सुनिल तटकरे और हसन मुश्रीफ मौजूद हैं। बैठक के बाद शिवसेना का साथ देने या न देने पर ऐलान हो सकता है।
शिवसेना के समर्थन के लिए एनसीपी की शर्त!
शिवसेना के पास अब सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने के लिए सोमवार शाम 7:30 बजे तक का वक्त है। गौरतलब है कि कांग्रेस और एनसीपी ने अभी तक किसी भी पार्टी को समर्थन देने पर कुछ नहीं कहा है। शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस से संपर्क साध रही है, लेकिन शरद पवार नीत एनसीपी ने शर्त रखी है कि महाराष्ट्र में यदि पार्टी का समर्थन चाहिए तो शिवसेना को एनडीए का साथ छोड़ना होगा।
बीजेपी ने कहा, हम सरकार नहीं बना सकते
राज्य में तेजी से हो रहे राजनीतिक बदलावों के बीच कांग्रेस और एनसीपी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है और अब दोनों अपनी शर्तों पर सरकार बनाने के लिए समर्थन की बात कर सकते हैं। फिलहाल शिवसेना के पास 56 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 145 विधायक चाहिए होते है। राज्यपाल ने एक दिन पहले ही चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया था। लेकिन कार्यकारी सरकार के प्रमुख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बहुमत की कमी का हवाला देते हुए सरकार बनाने में असमर्थता जताई।
अब कांग्रेस और NCP की मदद से बनेगा शिवसेना का CM?
राज्य में सरकार बनाने में कांग्रेस (44 विधायक) और एनसीपी (54 विधायक) के 98 विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है। अगर शिवसेना महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाती है, तब भी उसके पास कुल 154 विधायक होंगे जो सामान्य बहुमत से कुछ ही ज्यादा है। गौरतलब है कि तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच पूरे विश्वास के साथ शिवसेना के नेता संजय राउत ने बार-बार कहा है कि महाराष्ट्र में किसी भी कीमत पर उनकी पार्टी का ही मुख्यमंत्री बनेगा।
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