Sunday, January 25, 2026
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5,000 रुपये जुर्माना या तीन साल की कैद, देश के इस राज्य में हेट स्पीच रोकथाम बिल को मिली मंजूरी, जानें डिटेल्स

कर्नाटक की विधानसभा ने हेट स्पीच रोकथाम बिल को मंजूरी दे दी है। इस तरह से अब कर्नाटक में इसे लेकर नए नियम लागू कर दिए जाएंगे। जानिए क्या हैं प्रावधान, कितनी मिलेगी सजा?

Reported By : T Raghavan Edited By : Kajal Kumari Published : Dec 10, 2025 02:47 pm IST, Updated : Dec 10, 2025 02:47 pm IST
सीएम सिद्दारमैया- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO (PTI) सीएम सिद्दारमैया

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने बेलगावी में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आज कर्नाटका हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम और नियंत्रण) बिल, 2025 को पास कर दिया। यह बिल हेट स्पीच और हेट क्राइम, और व्यक्तियों, समूहों और समाजों पर उनके बुरे असर को प्रभावी ढंग से रोकने और कंट्रोल करने का प्रस्ताव करता है। इस बिल के पास होने के बाद अब कानून बन जाएगा जिसके तहत सजा के प्रावधान किए गए हैं। 

क्या होंगे सजा के प्रावधान

  1. इस बिल के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जो किसी व्यक्ति के धर्म, जाति, समुदाय, लिंग, यौन रुझान, जन्म स्थान, निवास, भाषा, विकलांगता या जनजाति के प्रति अपने पूर्वाग्रह या असहिष्णुता के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है या नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाता है या नफ़रत फैलाता है, वह हेट क्राइम का दोषी माना जाएगा।

     

  2. इसमें कहा गया है, "जो कोई भी हेट क्राइम करेगा, उसे तीन साल तक की कैद या 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सज़ा हो सकती है। हेट क्राइम का अपराध गैर-संज्ञेय और गैर-जमानती होगा और इसकी सुनवाई फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी।"
     
  3. बिल में ये भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो जानबूझकर कुछ भी प्रकाशित करता है, प्रसारित करता है या समर्थन करता है या एक या ज़्यादा लोगों से इस तरह से बात करता है जिससे यह साफ़ तौर पर लगे कि उसका इरादा धर्म, जाति, भाषा, समुदाय और अन्य सहित इन आधारों में से किसी एक के आधार पर नुकसान पहुंचाना या नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाना या नफ़रत फैलाना है, वो सजा का हकदार होगा।
     
  4. इसमें वैसे व्यक्ति भी शामिल होंगे जो इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन पर ऐसी चीज़ें प्रोड्यूस करते हैं या उपलब्ध कराते हैं, जो कोई भी एक्सेस कर सकता है और साथ ही किसी खास व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है या उसे निर्देशित की जाती है जिसे हेट स्पीच का शिकार माना जा सकता है।

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