1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. 6 घंटे से कम की लेते हैं नींद तो हो सकती है दिल की बीमारी, रिसर्च में खुलासा

6 घंटे से कम की लेते हैं नींद तो हो सकती है दिल की बीमारी, रिसर्च में खुलासा

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Jan 19, 2019 01:23 pm IST,  Updated : Jan 19, 2019 01:34 pm IST

'जॉर्नल ऑफ अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी' ने एक रिसर्च में यह खुलासा किया है कि आप अगर 6 घंटे से कम की नींद लेते हैं तो आपको दिल से जुड़ी बीमारी का खतरा हो सकता है।

नींद की कमी से हो सकती...- India TV Hindi
नींद की कमी से हो सकती है ये बीमारी

नई दिल्ली: 'जॉर्नल ऑफ अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी' ने एक रिसर्च में यह खुलासा किया है कि आप अगर 6 घंटे से कम की नींद लेते हैं तो आपको दिल से जुड़ी बीमारी का खतरा हो सकता है। इस रिसर्च में 3, 974 हजार पुरुष और महिलाओं को शामिल किया गया है और उन पर 7 रातों तक उनकी नींद लेने की पूरी अवधि को मापा गया और फिर उनकी हेल्थ चेकअप की गई।

छह घंटे से कम की नींद दिल के दौरे और आघात का कारण बन सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि छह घंटे से कम की नींद लेने वालों में सात से आठ घंटे की नींद लेने वालों के मुकाबले हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा 35 प्रतिशत अधिक होता है। पर्याप्त नींद न लेने के चलते ऐथिरोस्क्लेरोसिस का खतरा मंडरा सकता है। ऐथिरोस्क्लेरोसिस एक बीमारी है, जिसके कारण धमनियों में ‘प्लाक’ जमने लगता है।  

ज्यादा सोना भी हो सकता है खतरनाक: अध्ययन में आठ घंटे से अधिक की नींद लेने वालों में भी ऐथिरोस्क्लेरोसिस का खतरा देखा गया। शोधकर्ताओं ने पाया की खासतौर से जो महिलाएं आठ घंटे से अधिक की नींद लेती हैं, उनमें दिल संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। शोध से जुड़े डॉ. वेलेंटीन फ्यूस्ट का कहना है कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि अच्छी गुणवत्ता की छोटी नींद भी हानिकारक प्रभावों को दूर करती है। अध्ययन में उन कारणों को भी देखा गया, जो नींद को प्रभावित करते हैं। इनमें ज्यादा अल्कोहल और कैफीन का सेवन सबसे प्रमुख था।

सोते वक्त इन बातों का रखें ख्याल: मैड्रिड में स्थित स्पेनिश नेशनल सेंटर फॉर कार्डियोवैस्कुलर रिसर्च (सीएनआईसी)  की ओर से कराए इस शोध के परिणाम बताते हैं कि दिल के रोग के इलाज में सोने के तरीके में बदलाव दवाओं की तुलना में ज्यादा असरदार और सस्ता हो सकता है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। 

 

Latest Health News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल