Saturday, January 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. रीवा के GMH हॉस्पिटल में इंजेक्शन लगाने से चली गई 5 प्रसूताओं याददाश्त, स्टोर कीपर सस्पेंड

रीवा के GMH हॉस्पिटल में इंजेक्शन लगाने से चली गई 5 प्रसूताओं याददाश्त, स्टोर कीपर सस्पेंड

ब्लैकलिस्टेड इंजेक्शन लगाने से पांच प्रसूताओं की याददास्त जाने के मामले में स्टोर कीपर को निलंबित कर दिया गया है। गायनी विभाग की महिला गायनोलॉजिस्ट डॉ. बीनू सिंग ने बताया था कि जिन महिलाओं को 27 फरवरी की रात डिलीवरी के लिए भर्ती किया गया था।

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
Published : Apr 10, 2025 12:11 pm IST, Updated : Apr 10, 2025 12:19 pm IST
इंजेक्शन लगाने से चली गई 5 प्रसूताओं याददाश्त- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV इंजेक्शन लगाने से चली गई 5 प्रसूताओं याददाश्त

रीवा। बीते फरवरी माह मे रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल की लापरवाही का एक बड़ा मामला उजागर हुआ था, जिसमें अस्पताल मे डिलेवरी कराने आई 5 प्रसूताओं के परिजनों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों के द्वारा प्रसूताओं का गलत तारीके से इलाज किया गया। इसके चलते उनकी याददास्त चली गई। 

घटना के एक महीने पर एक्शन

लापवाही का आरोप लगने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले की जांच करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था। घटना की जांच के एक माह से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने स्टोर कीपर की लापरवाही मानते हुए उसे निलंबित कर दिया। 

रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव पीड़ा से कराहती सात महिलाओं को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया गया था। जिसे दो महीने पहले ही 'अमानक' घोषित कर ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। प्रसूताओं की डिलेवरी ऑपरेशन से हुई। इसके बाद चार प्रसूताओं की याददाश्त चली गई थी। जिसमें से एक प्रसूता की हालत नाजुक बनी हुई थी। हालांकि इलाज के बाद अब सभी प्रसूताएं स्वास्थ्य हैं।

परिजन ने लगाया था आरोप

डभौरा निवासी विकास केशरवानी ने बताया कि 27 फरवरी की शाम को अपनी गर्भवती पत्नी को जीएमएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने कहा कि ऑपरेशन करना होगा। शुक्रवार की सुबह ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। ऑपरेशन से हुई डिलीवरी के बाद उनकी पत्नी और नवजात बच्चा दोनों ही स्वास्थ्य थे। उसके बाद पता नहीं कौन सी दवा या इंजेक्शन दिया गया जिससे पत्नी की हालत अचानक से बिगड़ गई। उसके हाथ और पैर जकड़ गए। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती किया। 

मेडिकल कॉलेज के डीन ने दी ये जानकारी

मेडिकल कॉलेज के डीन ने बताया कि दो महिलाएं थी जिन्हे इंजेक्शन से कुछ रिएक्शन हुआ था। हमारी डॉक्टरो की टीम ने उचित इलाज किया था। जिसके बाद वे डिस्चार्ज होकर अपने घर चली गई हैं जच्चा और बच्चा सभी स्वस्थ है लेकिन जिस स्टोर कीपर के द्वारा दवाई दी गई थी उसे निलंबित किया गया है।

जांच में सामने आई ये बातें

बता दें कि फरवरी महीने के अंत में रीवा के GMH (गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल) में प्रसूताओं की जान खतरे में पड़ने के बाद हड़कंप मच गया था। इसके बाद एक टीम बना कर पूरे घटनाक्रम की जांच कराई गई। जांच मे पता चला की दिसंबर में इस  इंजेक्शन को अमानक घोषित कर दिया गया था, उसी दौरान इस इंजेक्शन को सरकारी पोर्टल में भी ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बावजूद गंभीर लापरवाही बरती गई और 25 फरवरी को अस्पताल के स्टोर से इस बैच के 100 वायल इंजेक्शन निकाल लिए गए थे। इनमें से पांच डिलीवरी में इस्तेमाल भी हो गए, जिसके बाद महिलाओं की हालत बिगड़ी थी।

 

रिपोर्ट- अशोक मिश्रा, रीवा

 

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement