मुंबई : बीएमसी सहित 29 नगर पालिकाओं के लिए आज सुबह 7.30 बजे से मतदान जारी है। मतदान के बीच सियासत भी चरम पर है। उद्धव ठाकरे और सीएम फडणवीस के बीच स्याही को लेकर बयानबाजी हुई है, जिसपर महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने जवाब दिया है। मतदान के बाद उंगली पर लगाई गई स्याही को मिटाने का प्रयास कर मतदाताओं में भ्रम पैदा करना एक दंडनीय अपराध है। यदि कोई व्यक्ति उंगली की स्याही मिटाकर दोबारा मतदान करने का प्रयास करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा स्पष्टीकरण राज्य निर्वाचन आयोग ने दिया है।
स्याही मिटाकर गड़बड़ी से दोबारा मतदान संभव नहीं
उंगली की स्याही मिटाकर कोई भी व्यक्ति गड़बड़ी करने का प्रयास करे, तब भी संबंधित मतदाता दोबारा मतदान नहीं कर सकता। इस संबंध में आवश्यक सतर्कता और व्यवस्थाएं पहले से ही की गई हैं। मतदाता द्वारा मतदान करने के बाद उसकी विधिवत प्रविष्टि दर्ज की जाती है। इसलिए केवल स्याही मिटाने से दोबारा मतदान करना संभव नहीं है। इस बाबत सभी संबंधित अधिकारियों को पुनः सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा
मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन के उपयोग संबंधी आदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 19 नवंबर 2011 तथा 28 नवंबर 2011 को जारी किए गए थे। तभी से स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के चुनावों में मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने हेतु मार्कर पेन का उपयोग किया जा रहा है।
इन आदेशों के अनुसार, मतदाता की उंगली पर स्याही स्पष्ट रूप से दिखाई दे, इस प्रकार मार्कर पेन से स्याही लगाई जानी चाहिए। इसके लिए नाखून पर तथा नाखून के ऊपर की त्वचा पर तीन से चार बार स्याही रगड़कर लगाई जानी चाहिए। ये निर्देश पहले भी दिए गए हैं और संबंधित मार्कर पेन पर भी अंकित किए गए हैं। अतः राज्य निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्याही मिटाने जैसी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न करें।