आइजोल: मिजोरम की सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य में अपराधों की जांच के लिए CBI को सामान्य मंजूरी प्रदान कर दी है। इसे लेकर सूबे के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट भी किया। गुरुवार को जारी की गई अधिसूचना में राज्य सरकार ने कहा, ‘दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 की धारा 6 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मिजोरम सरकार दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन के सदस्यों को मिजोरम में अपराधों की जांच के लिए शक्तियां और अधिकार क्षेत्र प्रदान करने की मंजूरी देती है।’
Related Stories
CM लालदुहोमा ने शपथ लेते ही किया था ऐलान
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मिजोरम सरकार CBI को मिजोरम में अपराधों की जांच की मंजूरी देती है। हमारी सरकार अपने नागरिकों के कल्याण के वास्ते भ्रष्टाचार का सफाया करने के लिए दृढ़संकल्पित है।’ बता दें कि बीते 8 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद लालदुहोमा ने घोषणा की थी कि उनकी जोरम पीपल्स मूवमेंट सरकार भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को प्राथमिकता देगी तथा राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए CBI को आमंत्रित करेगी। लालदुहोमा ने अब अपने ऐलान को अमली जामा पहना दिया है।
CBI को लेनी पड़ती है राज्य सरकार की मंजूरी
बता दें कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 के अनुसार सीबीआई को किसी भी राज्य में जांच करने के लिए वहां की सरकार से मंजूरी लेनी होती है। दरअसल, मिजोरम में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले बड़े पैमाने पर सामने आते रहे हैं और इसकी एक बड़ी वजह इस सूबे की भौगोलिक स्थिति है। मिजोरम की सीमा म्यांमार और बांग्लादेश से लगती है ऐसे में तस्करों के ऊपर लगाम कसने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। हाल ही में असम राइफल्स ने जानकारी दी थी कि इस साल वह 900 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त कर चुकी है।