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2007 T20 विश्वकप में 'बॉल आउट' द्वारा कैसे भारत ने पाकिस्तान को चटाई धूल, इरफ़ान ने किया खुलासा

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Aug 14, 2020 08:34 am IST,  Updated : Aug 14, 2020 08:34 am IST

इरफान ने पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच को याद करते हुए बताया कि जब मैच टाई हुआ तो पाकिस्तान को लगा कि वो हार गया है।   

Irfan Pathan- India TV Hindi
Irfan Pathan Image Source : GETTY IMAGES

टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में आईसीसी का पहला टी20 विश्वकप 2007 का खिताब पाकिस्तान को फ़ाइनल मुकाबले में हराकर अपने नाम किया था। इस टीम में धोनी के साथ ऑलराउंडर इरफान पठान भी शामिल थे। ऐसे में इरफान ने अब फ़ाइनल मैच तो नहीं बल्कि लीग मैच में पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच को याद करते हुए बताया कि जब मैच टाई हुआ तो पाकिस्तान को लगा कि वो हार गया है। 

इरफ़ान ने स्टॉर स्पोर्टस के एक कार्यक्रम में टी-20 विश्वकप 2007 में बॉल आउट द्वारा मैच जीतने को याद करते हुए कहा, "पाकिस्तान के कप्तान ने एक प्रेस कांफ्रेंस में स्वीकारा था कि उन्हें बॉल-आउट के बारे में पता नहीं था। बॉल-आउट के दौरान वे निश्चिंत नहीं थे कि उनके गेंदबाजों को पूरा रन-अप लेना चाहिए या आधा। वहीं, दूसरी ओर हम इसके लिए तैयार थे और नतीजा सबसे सामने है। देखा जाए तो दोनों टीमों के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं थी।"

वहीं दूसरी तरफ इसी कार्यक्रम में रोबिन उथप्पा भी शामिल थे। उथप्पा भी 2007 में धोनी की टी20 विश्वकप विजेता टीम का अहम हिस्सा थे। ऐसे में उथप्पा ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए कहा, "हर अभ्यास सत्र से पहले हम वॉर्म-अप के बाद एक खेल खेलते थे। उस दौरान वेंकी (वेंकटेश प्रसाद) ने फुटबॉल खेलने के बजाय बॉल-आउट खेलना सुझाया। बल्लेबाजों में मैं, सहवाग और रोहित बहुत बार आउट हो जाते थे। जब पाकिस्तान के खिलाफ मैच टाई हो गया, तो हम बहुत उत्साहित थे। हमें इस बात की खुशी थी कि एक पल हमने यह मैच लगभग गंवा दिया था और अंत में आते-आते हम इसे टाई करने में कामयाब रहे।"

इसके आगे श्रीसंत की तारीफ करते हुए उथप्पा ने कहा, "श्रीसंत ने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की और मैच टाई हो गया था। मुझे धोनी को भी श्रेय देना होगा। अपने पहले टूर्नामेंट में और बतौर कप्तान बेहद कम उम्र में उन्होंने गजब का आत्मविश्वास प्रदर्शित किया। टीम का एक साथी जोकि एक गैर-गेंदबाज था धोनी के पास गया और कहा कि उसे गेंदबाजी करनी है और वह स्टंप्स को हिट कर सकता है। धोनी ने बिना पलक झपके उसे गेंदबाजी की अनुमति दे दी।"

बता दें कि धोनी की कप्तानी में ये पहला विश्वकप था जिसे जीत कर उन्होने करोडो देशवासियों के दिल में अपने लिए एक ख़ास जगह बना ली थी। इसके बाद धोनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और भारतीय क्रिकेट को 28 साल बाद क्रिकेट का सबसे बड़ा टूर्नामेंट आईसीसी विश्वकप 2011 भी जिताया। जबकि साल 2013 में टीम इंडिया को आईसीसी चैम्पियंस ट्राफी भी जिताई। इस तरह तीनो आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम करने वाले वो भारत के पहले कप्तान बने। 

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