ब्रेस्ट कैंसर ठीक होने के बाद भी पहले हुई जगह के अलावा यह शरीर में कहीं और भी दुबारा लौट सकता है और यही इसके पहचान को बेहद मुश्किल बना देता है। इसलिए जरूरी है कि कैंसर के सफल इलाज़ के बाद भी मरीज़ लगातार अपने शरीर पर नज़र रखें
कैंसर दिनों दिन लोगों के लिए काल बनता जा रहा है। हर साल कैंसर से दुनिया भर में 96 लाख लोगों की मौत हो रही है। साल 2020 में कैंसर के करीब दो करोड़ नए मामले सामने आए थे।
हर साल नवंबर के महीने को पैंक्रियाटिक कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पैंक्रियाटिक कैंसर के शुरुआती लक्षणों के साथ-साथ निवारण के उपायों को जन-जन पहुंचाना है। आइए जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के बारे में।
पुरुषों में होने वाला एक आम कैंसर है प्रोस्टेट कैंसर। पुरुषों में इस कैंसर को लेकर जागरूकता फैलाने और जानकारी देने के उद्देश्य से हर साल नवंबर के महीने में प्रोस्टेट कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे प्रोस्टेट कैंसर के इतिहास, थीम, इसके लक्षण और इससे बचाव के लिए 5 योग के बारे में।
Stomach Cancer Awareness: पेट के कैंसर को अन्य कैंसर की तुलना में ज्यादा गंभीर माना जाता है। इसलिए पेट के कैंसर के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए नवंबर महीने को स्टमक कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता।
National Cancer Awareness Day 2022: आंकड़े बताते हैं कि पूरे देश और विश्व में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो एक व्यापक रूप से वैश्विक चिंता का विषय है। ऐसे में कैंसर के इलाज के साथ साथ यह विमर्श बेहद जरूरी है कि कौन-कौन से कारण हमें इस बीमारी की ओर ले जाते हैं जिनसे बचा जा सकता है।
Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है। जामा ऑन्कोलॉजी द्वारा किए गए रिसर्च रिपोर्ट की मानें तो डार्क कॉम्प्लेक्शन वाली महिलाओं में इसका खतरा अधिक होता है।
Cancer Prevention: धूम्रपान न केवल हर साल फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है बल्कि यह मुंह और गले के कैंसर सहित 14 अन्य प्रकार के कैंसर से भी जुड़ा हुआ है। शोध से पता चलता है कि नियमित रूप से धूम्रपान करने वाले 10 में से नौ लोग 25 वर्ष की आयु से पहले धूम्रपान करना शुरू कर देते हैं।
डॉक्टर दिनेश ने बताया कि कैंसर के इलाज को किफायती बनाने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना ने अहम भूमिका निभाई है।
Causes of Cancer: डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर होने के दो कारक हैं - एक आंतरिक और दूसरा बाह्य कारक। जिसके जरिए कैंसर के सेल हमारे शरीर में घर कर जाते हैं।
भारत में हालात ये है कि यहां 50 फीसदी कैंसर मरीजों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में जो लोग इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उनकी मदद के लिए bcpbf-The Cancer Foundation सामने आया है।
कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इस बार की थीम क्या है।
कैंसर को लेकर हाल ही में एक स्टडी की गई। इस स्टडी के मुताबिक निष्किय जीवनशैली वाले लोगों को कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
अहमदाबाद कैंसर फाउंडेशन की ओर से रविवार को एक अनोखा फैशन शो आयोजित किया गया। इस फैशन शो में 25 ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर ने अपनी बेटियों और सहयोगियों के साथ डिज़ाइनर कपड़ों में रैंप वॉक किया।
पिछले 26 वर्षो में भारत में कैंसर का बोझ दोगुना से अधिक हो गया है। स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, मुंह और फेफड़े के कैंसर एक साथ देश में बीमारी के बोझ का 41 प्रतिशत हैं। रोकथाम की महत्ता पर जागरूकता पैदा करना समय की जरूरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय समेत हरियाणा में छह विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
मनीषा ने हाल में संजय दत्त की जीवनी पर आधारित फिल्म 'संजू' में काम किया है और इसके अलावा वह नेटफ्लिक्स की फिल्म 'लस्ट स्टोरीज' में भी दिखाई दी थीं।
स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए यहां एक अस्पताल की तरफ से 'निडर हमेशा' अभियान के तहत रविवार को वॉकाथन आयोजित किया गया।
कैंसर कहीं भी हो सकता है लेकिन कान में होने वाले कैंसर के शुरुआती लक्षण काफी मामूली है जिसे देखकर अक्सर लोग इग्नोर ही कर देते हैं। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन धीरे-धीरे यह भयंकर रूप ले लेती है।
इन अंगों में कैंसर वाले रोगियों मेंसे करीब आधे की 12 माह के अंदर मौत हो जाती है।“इन अंगों के कैंसर के दो तिहाई मामले के लिए तम्बाकू, सुपारी एवं मदिरा के सेवन जिम्मेदार है।
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