उत्तर प्रदेश: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में मंगलवार को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान वादी पक्ष के दूसरे गवाह से जिरह की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने वादी पक्ष के गवाह राम चंद्र दुबे से अपनी जिरह पूरी की। वादी विजय मिश्रा के वकील संतोष कुमार पांडेय ने अदालत को सूचित किया कि उनकी ओर से गवाही की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
अग्रिम कार्रवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि तय
विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा ने अग्रिम कार्रवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई पर अदालत राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से तलब कर सकती है। इस मामले में वादी भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि गवाह रामचंद्र दुबे का बयान पूरा हो गया। सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने आगे की कार्रवाई के लिए 19 जनवरी की तारीख तय की है और अदालत राहुल गांधी को तलब कर सकती है।
अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला
अगस्त 2018 में कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष (वर्तमान गृह मंत्री) अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में पिछले पांच वर्षों से अदालती कार्रवाई चल रही है। राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था।
इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जहां विशेष न्यायाधीश ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था।
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