प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला जेल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हाल ही में जेल भेजे गए 13 किन्नरों में से 7 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट एचआईवी (HIV) पॉजिटिव आई। इस खुलासे के बाद सनसनी फैल गई है और प्रशासन द्वारा जेल में सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मारपीट के बाद भेजे गए थे जेल
पूरा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के अचलपुर का है, जहां रविवार को किन्नरों के दो गुटों- मिस्बा और अंजलि के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जेल मैनुअल के तहत जब आरोपियों का मेडिकल परीक्षण और एचआईवी टेस्ट कराया गया, तो नतीजे चौंकाने वाले थे। प्रारंभिक स्क्रीनिंग में 7 किन्नरों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है। पुष्टि के लिए उनके ब्लड सैंपल को विस्तृत जांच हेतु लैब भेजा गया है। फिलहाल, सभी संक्रमितों को अन्य कैदियों से अलग आइसोलेशन बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है।
किन्नर की आड़ में निकला पुरुष
मेडिकल जांच के दौरान एक और हैरान करने वाला तथ्य सामने आया। 13 लोगों के समूह में एक व्यक्ति पूर्ण रूप से पुरुष पाया गया, जो वेश बदलकर किन्नरों के साथ रह रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह लंबे समय से इसी समुदाय का हिस्सा है। इस खुलासे ने किन्नरों के भेष में अवैध वसूली करने वाले गिरोहों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल अधीक्षक की चेतावनी
जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि संक्रमित किन्नरों को विशेष निगरानी में रखा गया है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि जो लोग पिछले कुछ समय में इन किन्नरों के सीधे संपर्क में आए हैं, वे एहतियात के तौर पर अपनी जांच जरूर करवा लें। (रिपोर्ट: बृजेश मिश्रा)
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