Yubari King Melon Price: क्या आपने कभी सोचा है कि एक फल की कीमत इतनी ज्यादा हो सकती है कि उसके दाम में एक महंगी कार आ जाए? जी हां, हम बात कर रहे हैं जापान के मशहूर खरबूजे जैसे फल युबारी किंग मेलन की, जिसकी कीमत लाखों रुपये तक में पहुंच जाती है। यह फल न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसकी कीमत सुनकर किसी का भी दिमाग घूम सकता है। इस फल की कीमत जितनी ज्यादा है इसका उत्पादन करना भी उतना ही कठिन है। जापान में कुछ लोग त्योहारों के मौके पर युबारी किंग मेलन को गिफ्ट के रूप में देते हैं। आइए जानते हैं इस लग्जरी फल की पूरी कहानी।
क्या है युबारी किंग मेलन?
युबारी किंग एक खास तरह का कैंटालूप मेलन है, जो जापान के होक्काइडो इलाके में युबारी शहर के ग्रीनहाउस में उगाया जाता है। यह शहर साप्पोरो के पास है। यह मेलन 2 अन्य कैंटालूप किस्मों, अर्ल्स फेवरेट और बर्पीज 'स्पाइसी' कैंटालूप का हाइब्रिड है। यह मेलन अपनी परफेक्ट मिठास के लिए जाना जाता है और इसकी खेती बहुत ही नजाकत के साथ की जाती है। इसे नियंत्रित माहौल में उगाया जाता है, ताकि इसका लुक और स्वाद बिल्कुल सही रहे। टॉप-ग्रेड मेलन पूरी तरह गोल होता है, उसका छिलका एकदम चिकना रहता है। ऊपर से थोड़ा सा डंठल कैंची से काटकर छोड़ दिया जाता है, जो इसे और आकर्षक बनाता है।

कीमतें जो दिमाग घुमा दें
इस मेलन की कीमतें सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। साल 2008 में जापान की एक नीलामी में दो युबारी किंग मेलन करीब 15 लाख रुपये में बिके थे। 2016 में अमागासाकी के कोनिशी सेका नाम की सब्जी मंडी में एक जोड़ी मेलन करीब 18 लाख रुपये में बिका था। 2019 में टोक्यो की कंपनी पोक्का साप्पोरो फूड एंड बेवरेज ने नीलामी में एक जोड़ी को करीब 30 लाख रुपये में खरीदा था। हाल ही में मई 2023 में एक प्रीमियम जोड़ी करीब 20 लाख रुपये में बिकी थी।
इतना महंगा क्यों है यह फल?
अब आप सोच रहे होंगे कि युबारी किंग मेलन की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है। दरअसल, इसकी वजह है इसका सीमित उत्पादन और जापानी संस्कृति में लग्जरी गिफ्ट के रूप में इसकी जगह। युबारी से आने वाला यह मेलन अपनी बेजोड़ मिठास और परफेक्ट लुक के लिए मशहूर है। साथ ही इसकी किसान इसको उगाते हुए खास ख्याल रखते हैं ताकि हर मेलन बिल्कुल सही बने। फिर भी, एक फल के लिए लाखों रुपये खर्च करने की हिम्मत इस दुनिया में कुछ ही लोग रखते हैं।
नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इनकी पुष्टि नहीं करता है।


