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कोरोना की उत्पत्ति की जांच पर चीन का अड़ंगा, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को वुहान जाने से रोका, WHO ने जताई चिंता

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 06, 2021 08:29 am IST,  Updated : Jan 06, 2021 08:31 am IST

कोरोना की उत्तपत्ति कहां से हुई? यह जानने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम चीन के वुहान शहर का दौरा करना चाहती है। लेकिन चीन की सरकार विशेषज्ञों की टीम को चीन नहीं जाने दे रही है।

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कोरोना की उत्पत्ति की जांच पर चीन का अड़ंगा, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम को वुहान जाने से रोका, WHO ने जताई चिंता

कोरोना की उत्तपत्ति कहां से हुई? यह जानने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम चीन के वुहान शहर का दौरा करना चाहती है। लेकिन चीन की सरकार विशेषज्ञों की टीम को चीन नहीं जाने दे रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन की इस मनमर्जी पर दुख व्यक्त किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ट्रवीट कर कहा है कि चीन ने अभी कोरोना वायरस की उत्तपत्ति का पता लगाने गई टीम को वुहान जाने की अनुमति नहीं दी है। बता दें कि चीन के हुबे प्रांत के वुहान शहर में ही कोरोना का सबसे पहला मामला सामने आया था। वुहान शहर ही कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित था। शुरूआती रिपोर्ट में वुहान के मांस बाजार से इस बीमारी के फैलने की बात सामने आई थी। 

भले ही अमेरिका सहित दुनिया भर के देश कोरोना वायरस की उत्पत्ति और प्रसार के लिए चीन को जिम्मेदार मानते हों, लेकिन चीन ने अभी तक इस दावे को स्वीकार नहंी किया है। चीन इसके लिए भारत सहित दूसरे देशों को भी जिम्मेदार ठहरा चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस मामले में चीन जाकर जांच करने की बात कर चुका है। लेकिन चीन इसके लिए तैयार नहीं है। 

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चमगादड़ों की जांच को भी रोका 

दक्षिण चीन में घने जंगलों से घिरी घाटियों में खदानों की सुरंग है जिसमें चमगादड़ों का जमावड़ा होता था। जिन्हें अबतक ज्ञात जानकारी के मुताबिक कोविड.19 का सबसे करीबी स्रोत माना जाता है। इस इलाके को लेकर बहुत रुचि है क्योंकि यहां पर कोरोना वायरस के स्रोत के संकेत मिल सकते हैं जिसने दुनिया भर में 17 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली है। लेकिन यह राजनीतिक संवेदनशीलता की वजह से सूचना के लिए ब्लैक होल बन गया है। चमगादड़ों पर अनुंसधान करने वाली टीम हाल में यहां पहुंची थी लेकिन उनके द्वारा एकत्र नमूनों को जब्त कर लिया गया। यह जानकारी मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने दी। 

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अंतरराष्ट्रीय प्रेस पर भी निगरानी 

नवंबर के आखिर में एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों को सादे कपड़ों में पुलिस ने कई कारों से पीछा किया और इलाके में जाने से रोक दिया। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से इनसानों के संक्रमित होने की पहली घटना आने के एक साल पूर होने को हैं लेकिन एसोसिएटेड प्रेस यएपीद्ध की जांच दिखाती है कि चीन की सरकार इस वायरस के स्रोत से जुड़े सभी अनुसंधानों पर कड़ाई से नियंत्रण कर रही है और उन अनुषांगी सिद्धांतों को प्रोत्साहित कर रही है जिसमें वायरस की उत्पत्ति कहीं बाहर होने की बात कही गई है। एपी को मिले गोपनीय दस्तावेजों के मुताबिक सरकार वैज्ञानिकों के अनुंसधान की निगरानी कर रही है और यह अनिवार्य कर रही है कि अनुंसधान पत्रों को प्रकाशित करने से पहले राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अधीन कार्यरत कैबिनेट द्वारा प्रबंधित नए कार्यबल से पहले उन्हें अनुमोदित कराया जाए।

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