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इमरान खान की पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर बड़ी खबर, चुनाव आयोग की रिपोर्ट पर कोर्ट ने लिया यह निर्णय

 Edited By: Deepak Vyas
 Published : Jan 02, 2024 10:32 pm IST,  Updated : Jan 02, 2024 10:32 pm IST

जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी अपने चुनाव चिह्न को लेकर अनिश्चितता से जूझ रही है। इमरान की पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग की रिपोर्ट पर कोर्ट ने यह कदम उठाया है।

इमरान खान- India TV Hindi
इमरान खान Image Source : FILE

Pakistan News: पाकिस्तान में चुनावी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। चुनाव की घोषणा के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों और नामांकन में जुट गए हैं। इसी बीच इमरान खान की पार्टी 'पीटीआई' के चुनाव चिह्न को बहाल करने के खिलाफ निर्वाचन आयोग की याचिका पर सुनवाई पूरी हुई। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। पाकिस्तान के एक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पाकिस्तान निर्वाचन आयोग की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें आयोग ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संगठनात्मक चुनाव को अमान्य करने तथा उसके चुनाव चिह्न क्रिकेट ‘बैट’ को वापस लेने के उसके (आयोग) निर्णय को निलंबित करने के अदालत के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

चुनाव चिह्न को लेकर अनिश्चितता से जूझ रही इमरान की पार्टी

जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी अपने चुनाव चिह्न को लेकर अनिश्चितता से जूझ रही है, क्योंकि पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने पिछले महीने पीटीआई के संगठनात्मक चुनाव को खारिज कर दिया था और उसे उसके चुनाव चिह्न क्रिकेट ‘बैट’ से वंचित कर दिया था। दिसंबर में हुए पीटीआई के संगठनात्मक चुनाव में बैरिस्टर गौहर खान पार्टी के नये अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। इमरान की पार्टी ने निर्वाचन आयोग के फैसले को पेशावर उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसने 26 दिसंबर को पार्टी के संगठनात्मक चुनाव को असंवैधानिक घोषित करने और पार्टी के चुनाव चिह्न को वापस लेने के निर्वाचन आयोग के फैसले को निलंबित कर दिया था। निर्वाचन आयोग ने इस अदालती फैसले को चुनौती दी थी।

फैसले की समीक्षा की जाए, ​बोला निर्वाचन आयोग

‘डॉन’ अखबार के अनुसार, मंगलवार को न्यायमूर्ति एजाज खान के सामने सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग के वकील ने कहा कि आयोग पेशावर उच्च न्यायालय के फैसले की समीक्षा की मांग करता है। अखबार के अनुसार, शुरू में ही न्यायमूर्ति खान ने जानना चाहा कि क्या उच्चतम न्यायालय ने ऐसा कोई आदेश पारित किया है कि किसी उच्च न्यायालय से जारी निर्देश पूरे देश पर लागू होता है। (आयोग के) वकील ने कहा,‘ बिल्कुल। उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन अधिकारियों के संबंध में लाहौर उच्च न्यायालय के फैसले को निलंबित कर दिया ह्रै।’ उन्होंने कहा कि (आयोग का) फैसला एकतरफा निर्णय में निलंबित कर दिया गया। उन्होंने कहा,‘‘दूसरी बात कि अंतरिम राहत और अंतिम अर्जी समान है।’’ 

आयोग के वकील ने उठाई ये मांग

एक समय न्यायाधीश ने सवाल किया कि इस मामले में याचिकाकर्ता कहां है, तब आयोग के वकील ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम है। न्यायमूर्ति खान ने कहा कि वह इस मामले मे आदेश नहीं जारी कर सकते हैं, क्योंकि इसे नौ जनवरी के लिए खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, आयोग के वकील ने कहा कि वह अदालत से बस इतना चाहते हैं कि वह उच्च न्यायालय का आदेश वापस ले। उन्होंने कहा कि दलीलें खंडपीठ के सामने पेश की जाएंगी। अखबार के अनुसार, बाद में अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सोमवार को पीटीआई अध्यक्ष बैरिस्टर खान ने कहा था कि उनकी पार्टी अपना चुनाव चिह्न क्रिकेट ‘बैट’ नहीं मिलने के बाद भी आम चुनाव लड़ेगी।

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