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Pakistan News: कंगाल पाकिस्तान सरकार चलाने के लिए अब ये काम करने पर होगा मजबूर, पढ़िए डिटेल

 Written By: Deepak Vyas
 Published : Jul 28, 2022 02:42 pm IST,  Updated : Jul 28, 2022 02:42 pm IST

Pakistan News: पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने सरकारी कंपनियों के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि आईएमएफ ने इस वित्त वर्ष के लिए 4 बिलियन डॉलर के फाइनेंस गैप की भरपाई करने को कहा है।

Pakistan PM Shahbaz Sharif- India TV Hindi
Pakistan PM Shahbaz Sharif Image Source : INDIA TV

Highlights

  • पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने सरकारी कंपनियों के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर एक सेमिनार को संबोधित
  • सरकार मित्र देशों को लिस्टेड कंपनियों के शेयर बेचने के लिए कानून में कर रही बदलाव

Pakistan News: पाकिस्तान की माली हालत बहुत खराब है। कंगाल पाकिस्तान अब अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए दुनिया की ओर देख रहा है। हालत यह हो गई है कि अब वह अपनी सरकारी संपत्तियां भी दूसरों को बेचने पर मजबूर हो गया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने सरकारी कंपनियों के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि आईएमएफ ने इस वित्त वर्ष के लिए 4 बिलियन डॉलर के फाइनेंस गैप की भरपाई करने को कहा है। ऐसा करने के लिए सरकार मित्र देशों को लिस्टेड कंपनियों के शेयर बेचने के लिए कानून को संशोधित कर रही है। ये शेयर इस शर्त पर बेचे जाएंगे कि बाद में पाकिस्तान इन्हें वापस खरीद सके। 

गौरतलब है कि पाकिस्तान में आर्थिक संकट के कारण उसका विदेशी मुद्रा समाप्त होने की कगार पर है। कंगाली की हालत में पाकिस्तान के सामने आईएमएफ से पैसे पाने के लिए 4 बिलियन डॉलर हासिल करने का टारगेट है। इस खाई को पाटने के लिए पाकिस्तान ने अब अन्य देशों को सरकारी कंपनियों के शेयर बेचने की तैयारी की है।

गौरतलब है कि कंगाल पाकिस्तान पर को दिवालिया होने का खतरा मंडराने लगा है। इस खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान के संघीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में उस बिल को मंजूरी दे दी जिसमें सरकारी संपत्तियों अब दूसरे देशों को बेची जा सकेंगी।  इस बिल में सभी निर्धारित प्रक्रिया और अन्य आवश्यक नियमों से अलग हटकर सरकारी संपत्तियां दूसरे देशों में बेचने का प्रावधान किया गया है। खबर के मुताबिक सरकार ने यह फैसला देश के दिवालिया होने के खतरे को टालने के लिए लिया है। इस बिल में ये व्यवस्था की गई है कि सरकार की संपत्ति की हिस्सेदारी दूसरे देशों को बेचने के खिलाफ यदि किसी ने याचिका दायर भी की तो अदालत इसकी सुनवाई नहीं कर सकेगी। 

पेट्रोलियम और बिजली कंपनियां बिकेंगी

यह फैसला तेल और गैस कंपनियों में हिस्सेदारी और सरकारी बिजली कंपनी को संयुक्त अरब अमीरात को 2 से 2.5 अरब डॉलर में बेचने के लिए लिया गया है ताकि दिवालिया होने के खतरे को टाला जा सके। खबर के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात ने मई महीने में पाकिस्तान के बैंकों में नकदी जमा करने से इनकार कर दिया था। क्योंकि वह पहले के कर्जे की अदायगी नहीं कर सका है।

पाक इकोनॉमिस्ट पहले ही दे चुके हैं चेतावनी

पाकिस्‍तानी मूल के टॉप इकोनॉमिस्‍ट आतिफ मियां ने पिछले दिनों ही देश की स्‍थ‍िति को लेकर बड़ी चेतावनी दी। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्तानी रुपए की कीमत गिरने के बाद स्थिति और बिगड़ने वाली है। उन्होंने हालिया ट्वीट में ये बताया कि पाकिस्तानी रुपए डॉलर के मुकाबले 20 फीसदी नीचे गिर गया है। 

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