1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. "हम कागज पर लिख कर दे सकते हैं कि यूरोप पर कभी हमला नहीं करेंगे", किर्गिस्तान में ऐसा क्यों बोले पुतिन

"हम कागज पर लिख कर दे सकते हैं कि यूरोप पर कभी हमला नहीं करेंगे", किर्गिस्तान में ऐसा क्यों बोले पुतिन

 Published : Nov 27, 2025 10:28 pm IST,  Updated : Nov 27, 2025 11:28 pm IST

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा है कि जरूरी हो तो हम यह लिखकर देने को तैयार हैं कि यूरोप और नाटो पर कभी हमला नहीं करेंगे। यह हथियार बेचने वालों द्वारा फैलाई गई अफवाह और बकवास की बातें हैं।

व्लादिमिर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति। - India TV Hindi
व्लादिमिर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति। Image Source : AP

बिश्केक (किर्गिस्तान): रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (सीएसटीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय नेताओं को आश्वस्त किया कि रूस का यूरोप पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, "हम कागज पर लिखकर दे सकते हैं कि रूस कभी यूरोप या नाटो पर हमला नहीं करेगा।" पुतिन ने इस तरह के आरोपों को "हास्यास्पद" और "झूठ" करार दिया। 

 

यूरोप पर हमला करने की बात झूठी-पुतिन

पुतिन ने कहा कि यह यूरोपीय नेताओं द्वारा अपनी जनता को डराने के लिए फैलाया गया है। सीएसटीओ शिखर सम्मेलन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पुतिन ने स्पष्ट किया, "यह कहना कि रूस यूरोप पर हमला करने की योजना बना रहा है, बकवास है। हम कभी ऐसा सोचते भी नहीं... लेकिन अगर वे लिखित गारंटी चाहते हैं, तो हम कूटनीतिक भाषा में इसे औपचारिक रूप से दर्ज करने को तैयार हैं।" पुतिन का यह बयान यूक्रेन युद्ध के बीच आया है, जहां पश्चिमी देश रूस को "विस्तारवादी" बताकर नाटो की मजबूती पर जोर दे रहे हैं।

 

यूक्रेन शांति योजना पर सकारात्मक रुख

पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 28-सूत्री शांति प्रस्ताव को भी "भविष्य के समझौते का आधार" बताया। उन्होंने कहा, "यह दस्तावेज़ मूल रूप से स्वीकार्य है, लेकिन कुछ बिंदु अभी हास्यास्पद लगते हैं। हम हर बिंदु पर विस्तृत चर्चा करने को तैयार हैं।" प्रस्ताव में यूक्रेन की संप्रभुता मान्यता, लेकिन सैन्य क्षमता सीमित करने, कुछ क्षेत्र रूस को सौंपने और नाटो सदस्यता पर प्रतिबंध जैसे प्रावधान हैं। 

यूक्रेन नहीं माना तो सैन्य शक्ति से जीतेंगे जंग

पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन शांति योजना स्वीकार नहीं करता, तो रूसी सेनाएं सैन्य तरीके से लक्ष्य हासिल करेंगी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह मॉस्को पहुंचेगा। रूसी पक्ष से राष्ट्रपति सहायक व्लादिमीर मेदिन्स्की और विदेश मंत्रालय के अधिकारी वार्ता करेंगे। अमेरिकी पक्ष की ओर से कौन होगा, यह ट्रंप तय करेंगे। पुतिन ने कहा कि यूक्रेनी नेतृत्व के साथ दस्तावेज़ साइन करना "व्यर्थ" है, क्योंकि उन्होंने चुनावों से डरकर रणनीतिक गलती की। पुतिन का यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के हालिया ऐलान के एक दिन बाद आया, जिन्होंने रूस के खतरे को देखते हुए 18-19 साल के युवाओं के लिए स्वैच्छिक सैन्य सेवा शुरू करने की घोषणा की। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश