1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. अमेरिका ने काबुल में हुए हमले की निंदा की, नमाज के वक्त राष्ट्रपति भवन के पास गिरे थे रॉकेट

अमेरिका ने काबुल में हुए हमले की निंदा की, नमाज के वक्त राष्ट्रपति भवन के पास गिरे थे रॉकेट

 Reported By: Bhasha
 Published : Jul 21, 2021 09:24 am IST,  Updated : Jul 21, 2021 09:24 am IST

अमेरिका ने काबुल में राष्ट्रपति भवन के पास रॉकेट दागे जाने की घटना की निंदा की और अफगानिस्तान में राजनीतिक समाधान के लिए एक त्वरित कदम उठाने का आह्वान किया ताकि स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। 

अमेरिका ने काबुल में हुए हमले की निंदा की, नमाज के वक्त राष्ट्रपति भवन के पास गिरे थे रॉकेट- India TV Hindi
अमेरिका ने काबुल में हुए हमले की निंदा की, नमाज के वक्त राष्ट्रपति भवन के पास गिरे थे रॉकेट Image Source : FILE

वाशिंगटन: अमेरिका ने काबुल में राष्ट्रपति भवन के पास रॉकेट दागे जाने की घटना की निंदा की और अफगानिस्तान में राजनीतिक समाधान के लिए एक त्वरित कदम उठाने का आह्वान किया ताकि स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। अमेरिका में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने मंगलवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अफगानिस्तान लंबे समय से ‘‘ निरर्थक हिंसा’’ का सामना कर रहा है। 

खबरों के अनुसार, अफगानिस्तान में मंगलवार को राष्ट्रपति अशरफ गनी के ईद-उल-अजहा के मौके पर भाषण देने से कुछ समय पहले राष्ट्रपति भवन के पास कम से कम तीन रॉकेट दागे गए। इस घटना के एक वीडियो में गनी और कुछ अन्य लोग धमाकों के बीच बिना रुके नमाज जारी रखते नजर आ रहे हैं। इसके बाद गनी ने बकरीद के मौके पर राष्ट्र को संबोधित भी किया। हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। 

प्राइस ने कहा, ‘‘ हम आज काबुल पर हुए हमले की निंदा करते हैं। हम राजनीतिक समाधान और हिंसा को समाप्त करने के लिए त्वरित मार्ग का आह्वान करना जारी रखते हैं। हम लगातार यह कहते रहे हैं कि अफगानिस्तान के लोग एक न्यायसंगत और स्थायी शांति चाहते हैं और यही वह कूटनीति है जिसका हम समर्थन कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसका समर्थन कर रहा है।’’ ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब अमेरिका और नाटो बल के सैनिकों की अफगानिस्तान से पूर्ण वापसी अंतिम चरण में है और युद्धग्रस्त देश में एकबार फिर अराजकता तथा हिंसा बढ़ रही है। 

प्राइस ने कहा कि अफगानिस्तान के लोग हिंसा से बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने कहा,‘‘ हम वार्ता में शामिल सभी पक्षों से उन्हें एकजुट करने वाली सभी बातों पर गौर करने का आग्रह करते हैं। इसमें उनके साझा इतिहास, परंपराओं से लेकर एक एकीकृत तथा स्वतंत्र अफगानिस्तान की इच्छा के साथ-साथ पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ कारगर संबंध तक सब कुछ शामिल है।’’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश