Monday, March 16, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. चीन को घेरने के लिए ‘क्वाड‘ जैसे समूहों में भारत के साथ मिलकर करते रहेंगे काम, अमेरिका ने दिया वचन

चीन को घेरने के लिए ‘क्वाड‘ जैसे समूहों में भारत के साथ मिलकर करते रहेंगे काम, अमेरिका ने दिया वचन

Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826 Published : Apr 20, 2023 07:44 am IST, Updated : Apr 20, 2023 07:44 am IST

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने प्रेस वार्ता में कहा कि ‘अमेरिका दोनों देशो के आर्थिक विकास को बढ़ाने और दोनों देशों की एक जैसी प्राथमिकताओं के सहयोग का विस्तान करने के लिए क्वाड जैसे समूहों में भारत के साथ मिलकर काम जारी रखेगा।

चीन को घेरने के लिए ‘क्वाड‘ जैसे समूहों में भारत के साथ मिलकर करते रहेंगे काम, अमेरिका ने दिया वचन- India TV Hindi
Image Source : ANI चीन को घेरने के लिए ‘क्वाड‘ जैसे समूहों में भारत के साथ मिलकर करते रहेंगे काम, अमेरिका ने दिया वचन

America-India: अमेरिका ने भारत को वचन दिया है कि चीन को घेरने के लिए बने ‘क्वाड‘ सहित ऐसे कई संगठनों में भारत के साथ मिलकर अमेरिका काम करता रहेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने प्रेस वार्ता में कहा कि ‘अमेरिका दोनों देशो के आर्थिक विकास को बढ़ाने और दोनों देशों की एक जैसी प्राथमिकताओं के सहयोग का विस्तान करने के लिए क्वाड जैसे समूहों में भारत के साथ मिलकर काम जारी रखेगा। इसके लिए अमेरिका वचनबद्ध है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव पियरे ने कहा कि ‘दोनों देशों के बीच क्वाड में एकसाथ काम जारी रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। 

क्वाड चार देशों का समूह है इसमें अमेरिका, भारत के अलावा जापान और ऑस्ट्रेलिया देश शामिल हैं। यह समूह चीन की हिंद प्रशांत क्षेत्र में दादागिरी के प्रतिउत्तर में बनाया गया है। ताकि चीन के वर्चस्व को चुनौती देकर उसे हद में रखा जा सके। इस समूह की बैठकों से चीन हमेशा बौखलाता है और अपनी चिंता जताता है। 

क्या है क्वाड का मकसद?

हालांकि क्वाड का प्राथमिक उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को चीन या अन्य देशों के किसी भी प्रभाव से मुक्त रखने के लिए एक नई रणनीति विकसित करना है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देशों अमेरिका और भारत के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं। और इसमें व्यापार-व्यवासय भी शामिल है।

10 लाख भारतीयों को वीजा जारी करेगा अमेरिका

रूस और यूक्रेन युद्ध की वजह से अमेरिका और भारत के बीच संबंध जरूर थोड़े प्रभावित हुए हैं, लेकिन यह तात्कालिक है। क्योंकि भारत और अमेरिका दोनों एकदूसरे के कारोबारी साझीदार हैं और दोनों लोकतांत्रिक प्रणाली में विश्वास करने वाले देश हैं, जिनके बीच राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक सामंजस्य है। हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन के साथ फोनपर बातचीत करके क्षेत्रीय और वैश्विकी मुद्दों पर चर्चा की थी।

भारतीय विदेश मंत्री ने हाल ही में ट्वीट करके भी कहा था कि भारत और अमेरिका के संबंधों में लगातार प्रगति दिखी है। भारत और अमेरिकी संबंधों की नजदीकी और आपसी विश्वास का ताजा उदाहरण यह भी है कि 2023 में 10 लाख भारतीयों को अमेरिका वीजा जारी करेगा। इससे पहले एस जयशंकर की मार्च माह में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ मुलाकात हुई थभ्। इस दौरान बैठक में दोनों नेताओं ने रूस और यूक्रेन जंग के वैश्विक प्रभावों को कम करने के उपायों पर चर्चा की थी। 

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement