बिहार के गया के वार्ड संख्या 34 से सरकार की लापरवाही का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां वार्ड पार्षद शीला देवी को प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों की लापरवाही ने मृत घोषित कर दिया है। वार्ड पार्षद शीला देवी ने मंगलवार को बताया कि उसके पति की मौत के बाद वह विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं। जब विधवा पेंशन का राशि बैंक खाता में आना अचानक बंद हुआ तो वह कार्यालय पहुंची।
जब KYC कराने पहुंची, तब पता चला वो तो मृत है
जहां KYC कराने की बात बताई गई। इसके बाद विधवा पेंशन का लाभ लेने के लिए KYC कराने पहुंची तो वार्ड पार्षद के होश ही उड़ गए। विधवा पेंशन की राशि बंद करने का कारण यह अंकित था कि जांच में लाभुक मृत है।
खुद को जिंदा साबित करने में जुटी महिला वार्ड पार्षद
अब वार्ड पार्षद शीला देवी खुद को जीवित साबित करने में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि घर बैठे जांच करने का यह नतीजा है, जो घोर लापरवाही को उजागर करता है। ऐसे लापरवाह कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकारी विभाग के लोग हड़प लेते हैं पेंशन की राशि
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ओम यादव ने कहा कि एक जीवित वार्ड पार्षद को मृत घोषित कर दिया जाता है। न जाने ऐसे कितने लाभुक होंगे, जो विधवा पेंशन के लाभ से वंचित हैं। लापरवाही के कारण जीवित को मृत घोषित कर दिया गया है। जीवित को मृत बनाकर प्रखंड कार्यालय के अधिकारी राशि का गबन कर लेते है। वहीं, इसे लेकर कई अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है।
गया से अजीत की रिपोर्ट