भारत में अमेरिकी दूतावास ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि जो लोग अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें डिपोर्ट किया जा सकता है और उनका वीजा रद्द किया जा सकता है। इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी दूतावास (U.S. Embassy India) ने अपने ऑफिशियल हैंडल @USAndIndia से एक पोस्ट भी साझा किया है।
एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा है, "अमेरिकी कानूनों को तोड़ने पर आपके स्टूडेंट वीजा के लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं। अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप कोई कानून तोड़ते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है, आपको देश से निकाला जा सकता है, और आप भविष्य में अमेरिकी वीज़ा के लिए अयोग्य हो सकते हैं। नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को खतरे में न डालें। अमेरिकी वीजा एक सुविधा है, अधिकार नहीं।"
बता दें कि पिछले वीक, दूतावास ने H-1B और H-4 वर्क वीजा चाहने वालों के लिए एक चेतावनी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने पर गंभीर आपराधिक सजा हो सकती है। वीजा नियमों के कड़ा होने के बीच, पिछले साल अमेरिका में नए इंटरनेशनल एनरोलमेंट में स्टूडेंट वीजा पर आने वालों की संख्या में 17% की गिरावट आई। इस बीच, H-1B वीजा के आवेदकों को, जो स्किल्ड इंटरनेशनल वर्कर्स को अमेरिका में रोज़गार ढूंढने की परमिशन देता है, अभूतपूर्व इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।
बीते लगभग 10 दिन पहले भारतीय आवेदकों के पूर्व निर्धारित ‘एच1बी वीजा’ साक्षात्कार रद्द किए जाने पर अमेरिका के समक्ष भारत ने चिंता व्यक्त की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बताया था कि भारत सरकार को उन भारतीय नागरिकों से कई शिकायतें मिली हैं जिन्हें अपने वीजा ‘अपॉइंटमेंट’ को पुनर्निर्धारित करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा।
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