Thursday, January 08, 2026
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कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं चायनीज़ लहसुन, जानें देसी और चाइनीज लहसुन में क्या है अंतर?

Poonam Yadav Written By: Poonam Yadav @R154Poonam Published : Jan 06, 2026 11:49 pm IST, Updated : Jan 06, 2026 11:54 pm IST
  • चाइनीज लहसुन पर भारत में 2014 से ही बैन लगा हुआ है लेकिन फिर भी लोग इसे बेचते हैं। चाइनीज लहसुन में कीटनाशकों और केमिकल्स का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा होता है, जो सेहत के लिए खतरनाक हैं और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्करी करके यह बाजार में बिक रहा है। तो अगर आप भी बिना पहचाने चायनीज़ लहसुन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जान लेना ज़रूरी है कि देसी और चायनीज़ लहसुन में क्या फर्क है।
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    चाइनीज लहसुन पर भारत में 2014 से ही बैन लगा हुआ है लेकिन फिर भी लोग इसे बेचते हैं। चाइनीज लहसुन में कीटनाशकों और केमिकल्स का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा होता है, जो सेहत के लिए खतरनाक हैं और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्करी करके यह बाजार में बिक रहा है। तो अगर आप भी बिना पहचाने चायनीज़ लहसुन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जान लेना ज़रूरी है कि देसी और चायनीज़ लहसुन में क्या फर्क है।
  • चाइनीज लहसुन का छिलका अक्सर हल्का सफेद या गुलाबी रंग का और चमकदार होता है, जबकि देसी लहसुन आमतौर पर पूरा सफेद या हल्के क्रीम रंग का होता है और उस पर हल्के बैंगनी रंग के निशान हो सकते हैं।
    Image Source : UNSPLASH
    चाइनीज लहसुन का छिलका अक्सर हल्का सफेद या गुलाबी रंग का और चमकदार होता है, जबकि देसी लहसुन आमतौर पर पूरा सफेद या हल्के क्रीम रंग का होता है और उस पर हल्के बैंगनी रंग के निशान हो सकते हैं।
  • चाइनीज लहसुन चमकदार, आकार में बड़े और मोटे होते हैं, जबकि देसी लहसुन की कलियाँ छोटी, पतली और कम चमकदार होती हैं जिनमें पीलापन होता है। देसी लहसुन छीलने में मुश्किल होती है, जबकि चाइनीज लहसुन आसानी से छिल जाते हैं।
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    चाइनीज लहसुन चमकदार, आकार में बड़े और मोटे होते हैं, जबकि देसी लहसुन की कलियाँ छोटी, पतली और कम चमकदार होती हैं जिनमें पीलापन होता है। देसी लहसुन छीलने में मुश्किल होती है, जबकि चाइनीज लहसुन आसानी से छिल जाते हैं।
  • चाइनीज लहसुन में जड़ें नहीं होतीं या वे कटी हुई होती हैं और एकदम सफेद दिखता है, जबकि देसी लहसुन में नीचे की तरफ रेशेदार जड़ें होती हैं और उसका रंग हल्का पीला-सफेद  होता है, जिससे दोनों की पहचान की जा सकती है। जड़ें न होना यह संकेत देता है कि लहसुन चायनीज़ है क्योंकि मिट्टी-जनित कीटों को रोकने के लिए लहसुन से जड़ें हटाई जाती हैं।
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    चाइनीज लहसुन में जड़ें नहीं होतीं या वे कटी हुई होती हैं और एकदम सफेद दिखता है, जबकि देसी लहसुन में नीचे की तरफ रेशेदार जड़ें होती हैं और उसका रंग हल्का पीला-सफेद होता है, जिससे दोनों की पहचान की जा सकती है। जड़ें न होना यह संकेत देता है कि लहसुन चायनीज़ है क्योंकि मिट्टी-जनित कीटों को रोकने के लिए लहसुन से जड़ें हटाई जाती हैं।
  • देसी लहसुन की गंध तेज़ और तीखी होती है, जबकि चाइनीज लहसुन की गंध हल्की या उसमें खास गंध नहीं होती, क्योंकि यह सिंथेटिक पदार्थों से उगाया जाता है और इसके सल्फर यौगिकों में अंतर होता है, जिससे इसकी सुगंध कम हो जाती है। देसी लहसुन में एलिसिन और अन्य सल्फर यौगिकों की मात्रा अधिक होती है जो तेज़ गंध के लिए जिम्मेदार हैं।
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    देसी लहसुन की गंध तेज़ और तीखी होती है, जबकि चाइनीज लहसुन की गंध हल्की या उसमें खास गंध नहीं होती, क्योंकि यह सिंथेटिक पदार्थों से उगाया जाता है और इसके सल्फर यौगिकों में अंतर होता है, जिससे इसकी सुगंध कम हो जाती है। देसी लहसुन में एलिसिन और अन्य सल्फर यौगिकों की मात्रा अधिक होती है जो तेज़ गंध के लिए जिम्मेदार हैं।