नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के नरेला क्षेत्र में स्थित एक रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन पर बदमाशों ने सिर्फ इसलिए हमला कर दिया क्योंकि उसने क्रॉसिंग का गेट खोलने से मना किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गेटमैन कुंदन पाठक को बदमाशों के इस हमले के कारण अपने दोनों हाथ गंवाने पड़ सकते थे, लेकिन डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उनके हाथ जोड़ दिए। अपराधियों ने कुंदन से क्रॉसिंग गेट खोलने के लिए कहा था, लेकिन ट्रेन आने की वजह से कुंदन ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। कुंदन के गेट खोलने से इनकार करने पर गुस्साए बाइक सवार अपराधियों ने उसपर हमला कर दिया।
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अधिकारियों ने बताया कि पाठक पर रविवार की देर रात में हमला किया गया। उसे रोहिणी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि पाठक के पैर और गर्दन पर भी गंभीर चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि पाठक नरेला और रथधाना के गेट संख्या 19 पर रविवार की रात में तैनात था। उसकी ड्यूटी के दौरान 3 बाइक सवार उसके पास आए और लेवल क्रॉसिंग गेट को खोलने की मांग करने लगे। पाठक ने ऐसा करने से इनकार कर दिया क्योंकि 18101 मुरी एक्सप्रेस यहां से गुजरने वाली थी। इसके बाद बदमाशों ने उसके ऊपर हमला बोल दिया।
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता नितिन चौधरी ने बताया कि एक बड़ी सर्जरी के बाद गेटमैन 28 वर्षीय कुंदन पाठक के हाथ फिर से जोड़ दिये गये हैं। रोहिणी के एक अस्पताल में यह सर्जरी चार घंटे से भी अधिक देर तक चली। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और रेलवे के डॉक्टर अस्पताल में मौजूद हैं। रेलवे ने बताया, 'रेलवे उनके इलाज का सारा खर्चा वहन कर रहा है। ताकि वह हमारे बीच वापस आ सके।' इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।