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चलती एक्टिवा, लड़की और फंदे से मौत, पूरा मामला जान पुलिस और डॉक्टर तक हैरान

 Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Apr 05, 2024 01:03 pm IST,  Updated : Apr 05, 2024 04:01 pm IST

इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जिसे जान आप भी चौंक जाएंगे। दरअसल इंदौर में एक लड़की की मौत की वजह उसके गले में लटका आईडी कार्ड ही बन गया।

Representative image- India TV Hindi
प्रतिकात्मक फोटो Image Source : SOCIAL MEDIA

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में चलती एक्टिवा पर फंदा कसने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे जानकर पुलिस और डॉक्टर भी हैरत में पड़ गए हैं। दरअसल 19 वर्षीय शैजल गुरुवार सुबह होलकर कॉलेज अपनी एक्टिवा से जा रही थी, फिर कुछ ऐसा हुआ कि बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बता दें कि लड़की उमंग पार्क कॉलोनी के रहने वाली थी। पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी।

लड़की जा रही थी कॉलेज

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शैजल बीते दिन अपने कॉलेज अपनी एक्टिवा पर सवार होकर जा रही थी कि छोटा बांगड़दा में करीब 10.30 बजे सामने से आए ई-रिक्शा से उसकी टक्कर हो गई। इसके बाद छात्रा के गले में टंगा आईडी कार्ड उसी की एक्टिवा के हैंडल में फंस गया, जिससे उसकी दम घुटने से उसकी मौत हो गई। एरोड्रम थाना पुलिस ने बताया कि हादसा शीतला माता मंदिर के सामने हुआ है। शैजल कॉलेज के फर्स्ट ईयर में थी और डॉक्टर बनने के लिए नीट की तैयारी कर रही है। साथ ही प्राइवेट नौकरी भी करती थी। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहन और एक भाई है। पिता राकेश जटिया उज्जैन ईओडब्ल्यू ऑफिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं। 

"हमने उसे उठाया और रिक्शे से अस्पताल लाए" 

दुर्घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि मैं बेटी को कॉलेज छोड़ने जा रहा था। शैजल हमारे ठीक पीछे एक्टिवा से चल रही थी। उसने गले में आई-कार्ड पहन रखा था। सामने से आ रहे ई-रिक्शा से एक्टिवा को टक्कर लगी। टक्कर के बाद रिक्शा बढ़ गया। इसी दौरान शैजल का आईकार्ड एक्टिवा के हैंडल में फंस गया। वह थोड़ी दूर तक गई और फंदा कसने से लड़खड़ाई। इसके बाद उसका सिर एक्टिवा के ऊपरी हिस्से पर टकराया। खून निकलने लगा और वह गिर पड़ी। मैंने गाड़ी रोकी तो आई-कार्ड फंसा हुआ था। मैं दौड़ा और उसे उठाने लगा।

'कई राहगीर बना रहे थे वीडियो'

प्रत्यक्षदर्शी ने आगे कहा कि फिर तभी वहां से जा रहे बाइक सवार हेमेंद्र लोधी निवासी सांवरिया नगर आए। हम दोनों ने उसे उठाया, जबकि कई राहगीर वीडियो बना रहे थे। मुझसे वह उठ नहीं रही थी। फिर एक और राहगीर मोहन कौशल आया। हम तीनों ने एक रिक्शा में शैजल को बैठाया और उसे जिला अस्पताल लाए। रास्तेभर उसे हिलाया और उसकी नब्ज देखी, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसकी सांसें थम गई।

(इनपुट- भारत पाटिल)

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