अजमेर: राजस्थान के अजमेर में हेड कॉन्स्टेबल पर बड़ा एक्शन हुआ है। यहां केकड़ी सदर थाना इलाके में तैनात हेड कॉन्स्टेबल को सरकारी हॉस्पिटल के बाहर लोगों पर अटैक करने और पिस्तौल लहराने के आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस विभाग के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक ने हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ केकड़ी सिटी थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद ये एक्शन लिया गया।
हेड कॉन्स्टेबल ने क्या गलती कर दी?
शिकायत के मुताबिक, सोमवार की देर रात सरकारी हॉस्पिटल के बाहर राजेश मीणा ने सड़क के किनारे स्टॉल पर लोगों पर कथित रूप से अटैक किया। उसने अपनी पिस्तौल दिखाकर लोगों को डराया। शिकायतकर्ता ओम प्रकाश गुर्जर का आरोप है कि राजेश मीणा दो अन्य लोगों के साथ सादे कपड़ों में रात तकरीबन साढ़े 12 बजे आए और लाठियों से उनके व उनके रिश्तेदारों पर अटैक किया।
हेड कॉन्स्टेबल ने अपनी सफाई में क्या कहा?
पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वह तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रहे थे। अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक्शन के बाद दबाव की वजह से उन्हें सस्पेंड किया गया।
केकड़ी सदर थाना के SHO ने आरोपों को किया खारिज
राजेश मीणा ने बताया कि उन्होंने बजरी माफिया के खिलाफ एक्शन लिया था और केकड़ी के MLA ने उन्हें धमकाया था। हालांकि, केकड़ी सदर थाना के SHO जगदीश प्रसाद चौधरी ने सियासी दबाव के आरोपों से इनकार किया। यह कार्रवाई जांच के बेस पर की गई है।
कांग्रेस नेता डोटासरा ने लगाया ये आरोप
वहीं, कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह एक्शन राजनीतिक दबाव में लिया गया है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि BJP नेता और सीनियर पुलिस अफसरों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
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