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Dev Uthani Ekadashi 2024: देवउठनी एकादशी कब है? इसी दिन से शुरू होते हैं मांगलिक कार्य, यहां जानिए सही डेट

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Oct 25, 2024 09:45 am IST,  Updated : Oct 25, 2024 10:30 am IST

Dev Uthani Ekadashi 2024 Date Muhurat: सभी एकादशियों व्रत में देवउठनी एकादशी का खास महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य में बरकत आती है। साथ ही जातकों की सभी मुराद पूरी होती है।

Dev Uthani Ekadashi- India TV Hindi
Dev Uthani Ekadashi Image Source : INDIA TV

Dev Uthani Ekadashi 2024:  हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है। इसी दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। देवउठनी एकदाशी के दिन चातुर्मास समाप्त होते हैं। इसके बाद से ही सभी मांगलिक और शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। हर साल कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी मनाने का विधान है। कहते हैं कि इस दिन व्रत रखने और विधिपूर्वक विष्णु जी की उपासना करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। इतनी ही प्रभु नारायण जातक की सभी मनोकामनाओं को भी पूरी करते हैं। तो फिर आइए जानते हैं कि साल 2024 में देवउठनी एकादशी कब है। 

देवउठनी एकादशी 2024 तिथि और मुहूर्त 

देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी और देवुत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 11 नवंबर को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 12 नवंबर को शाम 4 बजकर 4 मिनट पर होगा। देवउठनी एकादशी का व्रत 12 नवंबर को रखा जाएगा।

देवउठनी एकादशी 2024 पारण का समय

देवउठनी एकादशी का पारण 13 नवंबर 2024 को किया जाएगा। एकादशी पारण का समय सुबह 6 बजकर 42 मिनट से सुबह 8 बजकर 51 मिनट तक का रहेगा। बता दें कि एकादशी का पारण द्वादशी तिथि के अंदर में ही किया जाता है। द्वादशी तिथि दोपहर 1 बजकर 1 मिनट पर समाप्त होगा।

देवउठनी एकादशी का महत्व

बता दें कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु पूरे चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद विष्णु जी देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इन माह को चातुर्मास के नाम से जाना जाता है। चातुर्मास के दौरान कोई शादी विवाह समेत कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद से सभी मांगलिक कार्य फिर से आरंभ हो जाते हैं। इस दिन विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से घर में संपदा, संपन्नता और समृद्धि बनी रहती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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