गुजरात हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि मुस्लिम दंपती मौखिक सहमति से 'मुबारात' के जरिए शादी खत्म कर सकते हैं। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया और कहा कि शरीयत के तहत लिखित समझौता जरूरी नहीं। मामला तीन महीने में निपटाने का निर्देश दिया गया।
मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा सदस्य परिमल नाथवाणी के सवाल का जवाब देते हुए 19 दिसंबर, 2024 को राज्यसभा में बताया था कि गुजरात उच्च न्यायालय में 1,70,963 मामले लंबित हैं, जबकि गुजरात के जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में 16,90,643 मामले लंबित हैं।
गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि बीवी तलाक के बाद भी अपने पूर्व पति और पूर्व सुसराल वालों पर दहेज उत्पीड़न केस कर सकती है। मगर इसके लिए कुछ परिस्थितियां भी है।
जाकिया जाफरी ने याचिका में मोदी और कुछ पुलिस अधिकारियों साजिश में कथित रूप से शामिल होने के लिए आरोपी बनाए जाने की मांग की थी। याचिका में यह भी मांग की गई थी कि हाईकोर्ट इस मामले की नए सिरे से जांच का आदेश दे।
कुछ दिन पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कपूरथला जिले के एसएसपी को नोटिस जारी कर पूछा था कि स्वघोषित देवी राधे मां के खिलाफ एक्शन नहीं लिए जाने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई को अवरुद्ध करने का मामला क्यों नहीं चलाया जाए। जस्टिस दया चौधरी की एकमात्र
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