भारतीय ऑटो मार्केट में अब फीचर्स की होड़ ने नया रूप ले लिया है। पहले जहां पैनोरामिक सनरूफ, वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस चार्जिंग, वॉइस कमांड और रेन-सेंसिंग वाइपर्स जैसी सुविधाएं केवल टॉप वैरिएंट्स में मिलती थीं, वहीं अब इन्हें एंट्री-लेवल या बेस मॉडल में भी शामिल किया जाने लगा है।
दक्षिण कोरिया (83%), जापान (81%), स्पेन (79%), ग्रीस (76%), यूके (74%), इज़राइल (71%), पोलैंड (64%), रूस (55%), चिली (49%), ब्राजील (47%), अर्जेंटीना (43%), तुर्की (42%), मैक्सिको (35%), दक्षिण अफ्रीका (31%), यूक्रेन (29%) और मिस्र (20%) भी कार स्वामित्व के मामले में भारत से आगे हैं।
Indian Car Market April Report: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने सोमवार को कहा कि अप्रैल में उसकी थोक बिक्री छह प्रतिशत घटकर 14,162 इकाई रही, जबकी किआ इंडिया की थोक बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 23,216 इकाई है।
Volvo Car Sale Report: कंपनी ने एक बयान में बताया कि बिक्री बढ़ने में सबसे ज्यादा योगदान एक्ससी60 का है जिसकी बिक्री 27 प्रतिशत बढ़ी है। स्थानीय स्तर पर तैयार की जाने वाली पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक एक्ससी40 की इस दौरान 138 इकाई बिकी जो पूरी बिक्री का 25 प्रतिशत है।
कार चलाते वक्त अनवांटेड साउंड सुनना किसी भी व्यक्ति को पसंद नहीं होता है। यह कार की स्मूथ ड्राइविंग पर प्रभाव डालती है। ऐसे में आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं।
Upcoming Car: जुलाई का महीना कार इंडस्ट्री (Car Industry) के लिए काफी खास रहा है। दो साल से कोरोना (Corona) की मार झेल रही कार इंडस्ट्री की बिक्री में सुधार देखने को मिला है। Tata, Maruti और Toyota जैसी कंपनियां नया कार मार्केट (Car Market) में लाने की तैयारी में हैं।
सर्टिफाइड पुरानी कारों पर कंपनियां और डीलर बेहतर ऑफर और फ्री सर्विस जैसी सुविधाएं देती है। वहीं सर्टिफाइड होने की वजह से इन कारों पर फाइनेंस मिलने की संभावना भी ज्यादा होती है।
भारत में असंगठित क्षेत्र के साथ साथ कई बड़ी कंपनियां भी इस्तेमाल की हुई कार के बाजार में उतर चुकी है। फिलहाल देश में आप कार के मालिक से सीधे कार खरीद सकते हैं। वहीं छोटे डीलर्स के साथ साथ मारुति, महिंद्रा, एमजी मोटर इंडिया जैसी बड़ी कंपनियां भी अपनी इकाइयों से भी पुरानी कारें खरीदी जा सकती हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बड़ी सफलता मिली है, भारत में कम लागत का फायदा उठाए हुए अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड यहां कार बनाकर उसका निर्यात अपने देश अमेरिका को कर रही है जिस वजह से भारतीय कार एक्सपोर्ट बाजार के लिए अमेरिका अब तीसरा बड़ा बाजार बन गया है।
सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने 2020 के बाद सालाना 25 से 30 लाख यूनिट बिक्री का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने बीते वित्त वर्ष में 15.6 लाख कारें बेची!
देश में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में काम कर रही सात प्रमुख कंपनियों में से सिर्फ मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा मोटर्स और रेनो की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है।
सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अनुसार, भारत 2020 तक विश्व का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार होगा। कंपनी भारतीय बाजार की ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाने को प्रतिबद्ध है।
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