भारत में सड़कें अब सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का जरिया नहीं रहीं, बल्कि देश की बदलती तस्वीर और तेज रफ्तार विकास की पहचान बन चुकी हैं। कभी जाम और धूल से पहचाने जाने वाले हाईवे अब तकनीक, स्पीड और सुविधा का नया चेहरा दिखा रहे हैं।
सेक्टर-62 के मॉडल टाउन गोल चक्कर पर बनाए जाने वाले इस स्काईवॉक को छिजारसी से भी जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट को 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें करीब 40 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई, गाजियाबाद ने प्रस्ताव को औपचारिक रूप से अपनी स्वीकृति दे दी है।
Car Stunt Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें एक्सप्रेसवे पर दौड़ रही एक गाड़ी की छत पर कुछ युवक लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस स्टंट के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सोमवार रात एक चलती कार में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सीएनजी सिलेंडर में ब्लास्ट के कारण भड़की आग ने देखते ही देखते पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। ड्राइवर की सूझबूझ ने उसकी जान बचा ली।
ट्रैफिक पुलिसकर्मी की रौंदने वाली कार में सवार दोनों आरोपियों ने गलती के लिए माफी मांगी है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की जानबूझकर हत्या की गई है।
रक्षाबंधन और वीकेंड की छुट्टियों के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH-44 पर भारी जाम देखा गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वैकल्पिक रास्तों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने और यात्रा की पहले से योजना बनाने की सलाह दी है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक सड़क हादसा देखने को मिला। यहां एक अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी देखने से पता चला है कि उनकी मोटरसाइकिल की रफ्तार काफी तेज थी।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है। हादसा इतना भीषण था कि कार की टक्कर से स्कूटी पर पीछे बैठी महिला कई फुट ऊपर उछलकर सड़क पर दूर जाकर गिरी।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में शनिवार सुबह स्कूली बच्चों की वैन डंपर में घुस गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में ड्राइवर और एक बच्चे की मौत हो गई जबकि 10 बच्चे घायल बताए जा रहे हैं।
इस हादसे के बाद मौके पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चलाया। हालांकि हादसे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे और ईस्टर्न पेरीफेयरल पर मोटरसाइकिल ले जाना पूरी तरीके से प्रतिबंधित है और कई ऐसे कट हैं जहां पर लोग नो एंट्री होने के बावजूद इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ने की कोशिश करते हैं जो दुर्घटना का कारण बनते हैं।
इस हादसे ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है, जिस तरीके से पता चला है कि यह बस ड्राइवर 8 किलोमीटर तक बस को रॉन्ग साइड लेकर आ रहा था, अपने आप में बहुत बड़ी बात है।
मंगलवार सुबह हुए इस भीषण हादसे में पूरा परिवार उजड़ गया। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है जिसमें साफ दिख रहा है कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर विजय नगर फ्लाईओवर के ऊपर स्कूल बस रॉन्ग साइड से आ रही थी और सीधे तेज रफ्तार से आ रही कार से टकरा जाती है।
Kanwar Yatra: कांवड़िए मेरठ से मोदीनगर, मुरादनगर और गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली जा सकेंगे। वहीं, देश में चल रहे संवेदनशील मुद्दों का ख्याल रखते हुए कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली पुलिस ने अलर्ट जारी किया है।
दिवाली के मौके पर फोड़े गए पटाखों की वजह से शुक्रवार की सुबह घनी धुंध रही जिसके चलते विजिबिलिटी काफी कम रही और इसी कारण यह हादसा हुआ है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर गाड़ियों को अब तक टोल नहीं देना पड़ता था लेकिन इस एक्सप्रेस वे पर 10 से 15 सितंबर के बीच अब टोल शुरू होने जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि हालांकि लोग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिये उन्हें धन्यावाद दे रहे हैं। लेकिन उन्होंने सड़क किनारे खराब तरीके से बनी सुविधाओं को देखा है।
दिल्ली से मेरठ तक का सफर अब से आसान होगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोल दिया गया है। अब दिल्ली से मेरठ का सफर ढाई घंटे से घटकर 60 मिनट का हो गया है।
Delhi Meerut Expressway : दिल्ली से मेरठ की दूरी लगभग 60.4 किलोमीटर है और इस एक्सप्रेसवे के जरिए यह दूसरी लगभग 45 मिनट में पूरी हो जाएगी, अभीतक जाम की वजह से दिल्ली से मेरठ आने जाने के लिए 2-3 घंटे तक का समय लगता था
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