फ्लैट की बुकिंग से पहले बिल्डर से कार्पेट, बिल्ट-अप और सुपर बिल्ट-अप एरिया का ब्रेकअप मांगे। केवल सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर तुलना न करें।
मध्यम आय और किफायती वर्ग के मामले में नई परियोजनाएं कम पेश हो रही हैं। साथ ही इस खंड में पहले के बचे फ्लैट की कमी के कारण आपूर्ति कम है।
2022 से 2025 (मई) के बीच 10 महानगरों और टियर टू शहरों में पेश किए गए रेजिडेंशियल लैंड की अनुमानित कीमत लगभग 2.44 लाख करोड़ रुपये है।
मौजूदा अपार्टमेंट ओनरशिप कानून में कॉमन एरिया को फ्लैट मालिकों को समय पर ट्रांसफर करने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है।
घर खरीदना बहुत ही बड़ा वित्तीय फैसला होता है। इसलिए इसमें सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। जल्दबाजी में किया हुआ फैसला बड़ा नुकसान करा सकता है।
सीबीआरई की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024 में सीमेंट, इस्पात और एल्युमीनियम की लागत में वार्षिक आधार पर क्रमशः 6-8 प्रतिशत, 3-5 प्रतिशत और 0-2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि पेंट की लागत स्थिर रही।
एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विपुल रुंगटा ने भी उल्लेख किया था कि आवास की कीमतों में वृद्धि धीमी हो गई है।
नोएडा में फ्लैट खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। नोएडा अथॉरिटी सस्ते फ्लैट बनाने जा रहा है। इन फ्लैट की निलामी ड्रॉ के जरिये की जाएगी। कीमत काफी कम हो सकती है।
गुरुग्राम में घर खरीदना इतना महंगा हो गया है कि लोगों को विदेश में जाकर सेटल होना उसके आगे सस्ता लग रहा है। हाल में सोशल मीडिया पर गुरुग्राम में बने लग्जरी अपार्टमेंट्स की तस्वीरें शेयर की गईं हैं। जिसमें उनकी आसमान छूती कीमतों का जिक्र किया गया है।
रियल एस्टेट के बड़े मार्केट नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नवरात्रि के दौरान रजिस्ट्री का आंकड़ा पिछले नवरात्र के मुकाबले तीन गुना पहुंच गया है। इससे न सिर्फ अथॉरिटी को करोड़ों रुपये का रेवेन्यू मिल रहा है बल्कि रियल एस्टेट कारोबारी भी बेहद खुश हैं।
दिग्गज रियल्टी एक्सपर्ट राकेश यादव कहते हैं कि घर हम बार-बार नहीं खरीदते हैं। पूरी जिंदगी में बहुत सारे लोग एक बार ही घर खरीदते हैं। इसलिए कभी भी घर खरीदेने का फैसला ऑफर या छूट की लालच में नहीं करें। अपनी जरूरत को समझें और सही डेवलपर्स का चयन कर फ्लैट की बुकिंग करें।
वेव सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव गुप्ता ने कहा, ‘‘ हम 70 लाख वर्ग फुट एरिया में 8000 से 9000 फ्लैट बनाएंगे। पिछले 12 महीने में टाउनशिप वेव सिटी में प्रीमियम फ्लैट के लिए खरीदारों की मांग तेजी से बढ़ी है।''
डीडीए की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, तीन नई हाउसिंग स्कीम में फ्लैट की शुरुआती कीमत 11.5 लाख रुपये होगी। ये फ्लैट्स दिल्ली के रामगढ़ कॉलोनी, सिरासपुर, लोकनायकपुरम, रोहिणी और नरेला में हैं।
बेंगलुरु के एक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने कमरे में पानी के रिसाव की एक तस्वीर शेयर करते हुए शहर में महंगी होती रियल एस्टेट की आलोचना की है।
प्रॉपर्टी को शॉर्टलिस्ट करने के बाद, वेबसाइटों पर दिए गए विवरण को जांच करने के बाद उस प्रोजेक्ट और फ्लैट को खुद से जाकर देखें। आस-पास के इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे या मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी को समझने के लिए, प्रोजेक्ट पर जाना बहुत जरूरी होता है।
हालांकि, शर्तों का उल्लंघन करने पर बिल्डरों को लाभ नहीं मिल सकेगा। इस बोर्ड बैठक में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सीईओ एनजी रवि कुमार समेत तीनों प्राधिकरण और बोर्ड के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।
सुरक्षा कर्ज में डूबी जेपी समूह की कंपनी में 250 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, साथ ही अगले चार वर्षों में फ्लैटों को पूरा करने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का ऋण भी दे रही है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हजारों ऐसे होम बायर्स हैं जो बिल्डर के बकाये के कारण अपने फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं, जबकि वह पूरा पैसा दे चुके हैं।
रियल एस्टेट मामलों के विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा ने इंडिया टीवी को बताया कि अगर आप एंड यूजर्स हैं और अपने रहने के लिए घर खरीद रहें हैं तो नई प्रॉपर्टी लेना फायदे का सौदा होगा।
कोरोना महामारी के बाद देश के सात प्रमुख शहरों में बेहतर सुविधाओं वाले बड़े अपार्टमेंट की भारी मांग है।
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