बैंक के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि क्रिप्टो बाज़ार में उतार-चढ़ाव भले ही सामान्य हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियाँ यह दर्शा रही हैं कि निवेश पोर्टफोलियो में बिटकॉइन की भूमिका पर अब पहले से अधिक दबाव और सवाल खड़े हो रहे हैं।
आज के कारोबार में आईटी, मीडिया और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई, जबकि मेटल, फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखी गई।
Share Market Update: शेयर बाजार में जारी तेजी पर आज ब्रेक लग गया है। निवेशकों को आज भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
IPO of IT Company: बाजार में आज का दिन निवेशकों के लिए काफी खास रहने वाला है। आज से अहमदाबाद की एक सॉफ्टवेयर कंपनी का आईपीओ खुल रहा है।
शुरुआत में सेंसेक्स करीब 50 पॉइंट की गिरावट के साथ लाल निशान पर खुला, हालांकि पहले ही मिनट में एक बार फिर बाजार में तेजी दिखाई दी और सेंसेक्स हरे निशान पर आ गया।
टाटा मोटर्स और अपोलो अस्पताल के शेयर आज के कारोबार में चमकते दिखे। इसके साथ ही निफ्टी की बात करें तो रियल्टी, पीएसयू बैंक में तेजी दिखी वहीं निफ्टी बैंक में गिरावट देखी गई।
सोमवार से शेयर बाजार में नया हफ्ता शुरू होने जा रहा है। बाजार में इस दौरान कई ट्रिगर्स पर हर निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए। इस बार प्रमुख निगाह अमेरिकी हलचल पर रहेगी
Sensex and Nifty: आज शेयर बाजार में काफी उथल-पुथल देखने को मिला है। इन सबके बावजूद आज बाजार में काफी तेजी देखी गई है।
बाजार के जानकारों के अनुसार इस हफ्ते कुछ बड़ी कंपनियों के बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजे आएंगे। जिससे बाजार में तेजी मंदी देखने को मिल सकती है।
Market Cap: बाजार पूंजीकरण के लिहाज से Top-100 कंपनियों के लिये यह व्यवस्था एक अक्टूबर 2023 से लागू होगी। वहीं बाजार पूंजीकरण के लिहाज से टॉप-250 लिस्टेड कंपनियों के लिये अलग समय तय किया गया है।
शेयर बाजार के प्रतिभागी अडानी समूह के संकट से संबंधित घटनाक्रम पर भी नजर रखेंगे। यह मामला करीब 20 दिनों से शेयर बाजार के लिए एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
बुधवार की तेज गिरावट के बाद आज बाजार में कई शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। आज अडाणी का एफपीओ भी खुल रहा है। इसके अलावा आज बजाज फाइनेंस, वेदांता, आरती ड्रग्स, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी जैसी कंपनियों के नतीजे भी आने हैं।
संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में गिरावट का रुख रहा। वहीं स्थानीय बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे। देश के दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट का यह लगातार चौथा दिन रहा।
शुक्रवार को सेंसेक्स 461.22 अंक यानी 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 61,337.81 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 140.05 अंक यानी 0.76 फीसदी की गिरावट के साथ 18274.85 के स्तर पर बंद हुआ था।
शेयर बाजार से प्राप्त आंकड़ों को देखें तो इस साल आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिये वर्ष 2022 में महज 57,000 करोड़ रुपये ही जुटाए जा सके।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने कोरोना वायरस से फैली महामारी के कारण वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका गहराने को लेकर मार्च महीने में अब तक घरेलू पूंजी बाजारों से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है।
कोरोनावायरस महामारी संकट के चलते पहले से अनिश्चितता से जूझ रहे शेयर बाजारों के लिए शुक्रवार का दिन भी उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा। एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गयी, लेकिन बाद में ये थोड़ा संभल गए।
आगामी सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा कोरोना वायरस से संबंधित घटनाक्रमों से तय होगी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद बीता सप्ताह शेयर बाजारों के लिए सबसे खराब रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने आगामी बजट में भी सुधारों को आगे बढ़ाया तो निश्चित रूप से 2020 में भी शेयर बाजार के निवेशक अच्छी कमाई कर सकते हैं।
स्थानीय आभूषण कारोबारियों की मांग घटने और शेयर बाजार के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ने से मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 100 रुपये टूटकर 33,150 रुपये प्रति दस ग्राम रह गया।
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