उत्तर प्रदेश के जौनपुर में मौनी अमावस्या के कारण स्कूल में अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान के दिन मौनी अमावस्या तिथि पड़ रही है। ऐसे में यह तिथि पितृ दोष दूर करने के लिए बेहद शुभ हैं। साथ ही धन की कामना के लिए यह दिन शुभ माना जा रहा है।
मौनी अमावस्या के दिन साधु-संत और आमजन मौन व्रत रख अपने मन को शुद्धि प्रदान करेंगे। ऐसे में जान ले कि मौन व्रत रखने के कुछ नियम व विधि हैं।
मौनी अमवस्या के दिन गंगा स्नान करने के बाद गरीबों में दान आदि जरूर करना चाहिए। इसके अलावा, स्नान के बाद जातक को पितृ दोष से छुटकारा पाने हेतु पितृ चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।
Gud Chawal Ki Kheer Recipe: अमावस्या के दिन खीर बनाने का विशेष महत्व होता है। इस दिन खीर बनाने से पितृ प्रसन्न होते हैं। मौनी अमावस्या के दिन आप चावल और गुड़ की खीर बना सकते हैं। जानिए स्वादिष्ट खीर की आसान रेसिपी।
मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने जा रहे हैं तो शुभ मुहूर्त के बारे में जान लें कि कब स्नान और दान करना है, वरना आपकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के तिथि के दिन पड़ रहा है। ऐसे में ये बेहद शुभ योग माना जा रहा है। इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए जातक को स्नान-दान के साथ कुछ उपाय जरूर करने चाहिए।
महाकुंभ में लाखों लोग आ रहे हैं, ये आंकड़ा 13.21 करोड़ पार कर गया है। साथ ही उम्मीद की गई है कि दूसरे अमृत स्नान के दिन 8 करोड़ लोग प्रयागराज आएंगे। ऐसे में जो लोग नहीं जा पा रहे हैं वे ये उपाय अपना सकते हैं।
Mauni Amavasya 2025 Niyam: इस साल मौनी अमावस्या के दिन कई शुभ योग का संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं यहाां जानिए।
महाकुंभ में स्नान-दान का खासा महत्व है, खासकर अमृत स्नान के दिन का। पहला अमृत स्नान हो चुका है जबकि दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को है। इस दौरान दोपहर को इस समय स्नान-दान न करें।
पौराणिक कथा में बताया गया कि गुणवती नाम की एक महिला के पति की जान बचाने के लिए सोमा धोबिन ने अपने पुण्य दान कर दिए थे।
Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन स्नान-दान करने से कई गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। अमावस्या के दिन पितृ धरती पर आते हैं। ऐसे में अमावस्या के दिन भूलकर भी ये काम नहीं करना चाहिए।
महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या की तिथि को पड़ रहा है। माना जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर साधना करने से पुण्य मिलता है।
महाकुंभ में लाखों की संख्या में लोग रोजाना पहुंच रहे हैं। पहले अमृत स्नान के दिन 3.5 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए थे, वहीं दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के समय पड़ रहा है। ऐसे में कुछ उपाय करने से इस दिन आपको पितृ दोष से छुटकारा मिल सकता है।
महाकुंभ में मां गंगा और महादेव की पूजा को विशेष माना गया है। इस बार दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन पड़ रहा है। ऐसे में शिव के 108 नाम जपने से आपका कल्याण हो सकता है।
महाकुंभ में नागा साधुओं की चर्चा हर तरफ हो रही है। 14 जनवरी को पहले अमृत स्नान के बाद दूसरा अमृत स्नान नजदीक आ रहा है, नागा साधु इस स्नान में भी पहले स्नान करेंगे। आइए जानते हैं आखिरी अमृत स्नान कब होगा?
Mauni Amavasya 2025 Muhurat: मौनी अमावस्या का दिन स्नान-दान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन स्नान-दान करने से कई गुना अधिक शुभ और पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है।
महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन पड़ रहा है। ऐसे में करोड़ों की संख्या में लोगों के महाकुंभ में पहुंचने की उम्मीद है। आइए जानते हैं कि मौनी अमावस्या के दिन कब करना है स्नान और दान
मौनी अमावस्या की तिथि पर इस पर कई शुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालु जो संगम में डुबकी लगाने जा रहे हैं उन्हें अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए जरूर पूजा करनी चाहिए।
Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन अगर आप राशि के अनुसार कुछ उपाय करते हैं तो आपको कई शुभ फलों की प्राप्त हो सकती है। ये उपाय आपके पारिवारिक जीवन के साथ ही आर्थिक पक्ष को भी मजबूत करते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
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