म्यांमार की एक अदालत ने गोपनीयता अधिनियम के तहत आरोपित रायटर्स के 2 पत्रकारों को गुरुवार को जमानत देने से इनकार कर दिया...
म्यांमार में मानवाधिकार विषयक संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत ने गुरुवार को कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध सेना के हिंसक अभियान में ‘जातिसंहार’ की झलक मिलती है...
बांग्लादेश और म्यांमार के बीच रोहिंग्या शरणार्थियों की वतन वापसी पर भले ही समझौता हो गया हो, लेकिन...
म्यांमार के हिंसा प्रभावित रखाइन प्रांत में सांप्रदायिक तनाव को कम करने के वास्ते आग सान सू ची ओर से गठित पैनल में शामिल अमेरिकी राजनयिक बिल रिचर्डसन ने आज आपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
बांग्लादेश में शरण लिए सैकड़ों रोहिंग्या मुसलमानों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया है। ये शरणार्थी म्यांमार भेजे जाने की योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे...
तनावग्रस्त दक्षिण पश्चिम म्यांमार में विरोध प्रदर्शन को तितर बितर करने के लिए पुलिस के प्रयास के दौरान भिड़ंत में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए।
म्यांमार और बांग्लादेश हाल में विस्थापित हुए रोहिंग्या मुस्लिमों की ‘‘दो साल के भीतर’’ स्वदेश वापसी पर सहमत हो गए हैं।
पिछले साल म्यांमार में हिंसक दौर के दौरान बांग्लादेश पलायन करने वाले हिंदू शरणार्थी स्वदेश लौटना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने तैयारी भी कर ली है, लेकिन...
रोहिंग्या विद्रोहियों ने रविवार को दावा किया कि उन्होंने म्यांमार के उत्तरी रखाइन प्रांत में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे...
म्यांमार में लोकतंत्र बहाली के लिए लंबा संघर्ष करने वाली सू की नोबेल शांति पुरस्कार सहित 120 अंतर्राष्ट्रीय सम्मान अपने नाम कर चुकी हैं...
म्यांमार सेना का कहना है कि वह उत्तरी रखाइन प्रांत में मिली सामूहिक कब्रों की जांच कर रही है। संयुक्त राष्ट्र ने सैनिकों पर इस क्षेत्र में रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया था।
बांग्लादेश की यात्रा के दौरान पोप फ्रांसिस के रोहिंग्याओं का उल्लेख करने पर म्यांमार में सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है...
फ्रांसिस ने राजधानी में म्यांमार की नेता आंग सान सू की और अन्य अधिकारियों तथा राजनयिकों की मौजूदगी में अपने भाषण में सैन्य अभियान का जिक्र नहीं किया...
म्यांमार की ‘स्टेट काउंसलर’ आंग सान सू की की रोहिंग्या शरणार्थी मुद्दे से निपटने में निष्क्रियता को लेकर और देश में हुई हिंसा की तरफ से आंखें मूंदने के लिए उनसे ‘फ्रीडम ऑफ ऑक्सफोर्ड’ सम्मान वापस ले लिया गया है...
हजारों विस्थापित रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश सीमा से वापस भेजने के लिए म्यांमार के साथ हुए एक समझौते के बाद भी रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में दाखिल हो रहे हैं...
म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर किए गए अत्याचारों की खबर देने वाले 95 पर्सेंट से भी ज्यादा रिपोर्टर्स गायब हो गए हैं...
संघर्ष के दौरान यौन हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की राजदूत का कहना है कि रोहिंग्या मुस्लिम महिलाओं एवं लड़कियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए अत्याचारों की बाकायदा योजना तैयार की गई और इसे म्यांमार सेना ने अंजाम दिया था।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रोहिंग्या संकट की मुख्य वजह की जांच करनेवाली एक रिपोर्ट में कहा है कि म्यांमार रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ नस्लभेदी व्यवहार कर रहा है।
महिलाओं ने बलात्कार से पहले अपनी आंखों के सामने अपने बच्चों, पति और माता-पिता की हत्या होती देखी। एचआरडब्ल्यू ने सामूहिक बलात्कार के छह मामले बताए हैं जिसमें सैनिकों ने महिलाओं को समूहों में इकट्ठा किया और फिर उनसे मारपीट तथा दुष्कर्म किया। रिपोर्ट म
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने म्यांमार की नेता आंग सान सू की से अनुरोध किया कि वह बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों को देश वापस लौटने की अनुमति दें।
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