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गाजियाबाद में बन गए 24 फर्जी पासपोर्ट, 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, पोस्टमैन भी नप गया

 Reported By: Sanjay Sah, Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 01, 2026 11:57 pm IST,  Updated : Feb 01, 2026 11:57 pm IST

पुलिस ने बताया कि पोस्टमैन को हर पासपोर्ट देने के बदले 2000 रुपये मिले थे। अब पोस्टमैन के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले लोगों की तलाश जारी है।

Fake Passport Accused- India TV Hindi
फर्जी पासपोर्ट मामले के आरोपी Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट बनाने वाली गैंग का खुलासा किया है। इस मामले में कुल 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यहां फर्जी पते पर 24 पासपोर्ट बन गए थे। पासपोर्ट लोगों तक पहुंच भी गए थे। हालांकि, डिपार्टमेंट के एक अधिकारी को संदेह हुआ तो पुलिस को पत्र लिखकर मामले की जांच करने को कहा गया। इसके बाद हकीकत सामने आई तो सभी हैरान रह गए। 

पासपोर्ट फर्जी पते पर बने थे और पासपोर्ट बनवाने के लिए जिन दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। वह भी फर्जी थे। सभी पासपोर्ट एक ही मोबाइल नंबर से बनवाए गए थे। पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे बनता है पासपोर्ट?

पासपोर्ट एक बहुत ही महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट होता है। पासपोर्ट बनवाने के लिए जब आवेदन किया जाता है तो पुलिस आवेदनकर्ता की जांच करती है। फिजिकल सत्यापन के साथ पासपोर्ट आवेदन के लिए दिए गए सभी कागजात को असली डाक्यूमेंट्स के साथ पुलिस मिलान करती है। इस जांच के बाद स्थानीय खुफिया यूनिट को जांच के लिए फाइल भेजी जाती है। खुफिया विभाग की जांच के बाद पासपोर्ट बनाए जाते हैं। यदि डॉक्यूमेंट गलत मिलते हैं तो आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। 

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव त्योडी, भोजपुर , कलछिना, सैदपुर हुसैन और अतरौली गांव से 24 पासपोर्ट आवेदन किए गए। इनमें से सात भोजपुर गांव, 12 पासपोर्ट त्योडी, जबकि तीन सैदपुर हुसैन, एक कलछिना और एक अतरौली गांव से आवेदन किया गया। इन सभी पासपोर्ट आवेदन में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था। इन आवेदनों की पुलिस ने जांच भी की और पासपोर्ट बनाकर भी आ गए। पासपोर्ट डिपार्टमेंट को संदेह होने पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने दिल्ली से 11 दिसंबर को एक पत्र लिखकर पुलिस से इन आवेदकों की जांच करने के लिए कहा। पुलिस ने इन सभी 24 लोगों की जांच की तो एक भी व्यक्ति अपने दिए गए पते पर नहीं मिला। पुलिस की जांच के मुताबिक यह सभी लोग अपने दिए गए पते पर कभी रहे ही नहीं। 

फर्जी कागजात से किया आवेदन

पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो यह भी पता चला कि फर्जी आधार कार्ड के साथ अन्य सभी कागजात फर्जी बनवाए गए थे, जिसके आधार पर पासपोर्ट बनवा लिया गया। पासपोर्ट बनाकर तैयार हुआ और जब डाक के द्वारा पासपोर्ट को डिलीवर करने के लिए भेजा गया, उससे पहले ही विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो व्यक्ति पोस्ट ऑफिस पहुंचे और पोस्टमैन अरुण को बताया कि कुछ उनके पासपोर्ट डिस्पैच हुए हैं, जो पोस्ट ऑफिस को आने वाले हैं। अरुण को पासपोर्ट के आवेदकों के नाम पोस्टमैन को दिए गए। इसके साथ ही कहा गया कि यह सभी पासपोर्ट आएं तो इन्हें दिए गए पते पर भेजने के बजाय उन्हें फोन करके बुला कर दे दिया जाए। इसके बदले में प्रति पासपोर्ट ₹2000 अरुण को दिया गया।

पोस्टमैन ने मानी गलती

पुलिस की जांच में भी अरुण ने इन सभी बातों का जिक्र किया है। इस मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद रविवार को भोजपुर थाने में 25 लोगों को नामजद करते हुए फिर दर्ज की गई। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त रहे पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में विवेक गांधी प्रकाश सुब्बा, पोस्टमैन अरुण कुमार अमनदीप सिंह और सातवंत कौर का नाम शामिल हैं। इनके पास से फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं। इन सबके बीच जांच करने वाले पुलिसकर्मी और खुफिया विभाग के अधिकारी की संलिप्तता से इंकार नही किया जा सकता है,जिसपर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

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